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रांची में छात्रों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी

रांची में छात्रों का 19वां दिन: परीक्षा रद्द करने और सीएम हेमंत सोरेन से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

रांची में TDPL द्वारा आयोजित परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी है। छात्र CM हेमंत सोरेन से बातचीत और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग पर अड़े हैं।

रांची में छात्रों का 19वां दिन परीक्षा रद्द करने और सीएम हेमंत सोरेन से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

Student Leader Ravindra Paswan |

रांची (झारखंड)। रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) फर्म द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने और झारखंड सरकार से बातचीत करने की मांग कर रहे हैं। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने ANI से बात करते हुए कहा कि आज उनके विरोध प्रदर्शन का 19वां दिन है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगें मान नहीं लेती।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत की अपील

पासवान ने कहा कि प्रदर्शनकारी राज्य सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के साथ बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा, "हम बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मैं मुख्यमंत्री से अपील करना चाहता हूं: हम छात्र आपकी अगुवाई में अपनी मुख्य मांगों पर आपसे बातचीत करना चाहते हैं।"

मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन आंदोलन

उन्होंने कहा कि छात्र मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखेंगे और उम्मीद है कि उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। पासवान ने यह भी कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो विरोध प्रदर्शन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "हमारा विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार हमारी मांगें मान नहीं लेती। यह एक अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन होगा।"

भूख हड़ताल जारी, अनशन तोड़ने से इनकार

उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और भूख हड़ताल पर बैठे लोगों से अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया और इस बात पर जोर दिया कि TDPL द्वारा आयोजित परीक्षा को पहले रद्द किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों का अनशन तोड़ने से इनकार

पासवान ने कहा, "वे भूख हड़ताल कर रहे लोगों से इसे खत्म करने का आग्रह कर रहे थे। हालांकि, हमारे साथियों ने अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे ऐसा तब तक नहीं करेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं- विशेष रूप से, जब तक TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षा रद्द नहीं हो जाती।" पासवान ने पूरे झारखंड के छात्रों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हो रहे आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की।

राजनीतिक दलों से मिला समर्थन

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कई राजनीतिक दलों से नैतिक समर्थन मिला है। उन्होंने विशेष रूप से झारखंड के मुख्यमंत्री और BJP नेता बाबूलाल मरांडी का उल्लेख किया, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और अपना समर्थन दिया। पासवान ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि प्रदर्शनकारियों को हटाया जाएगा, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं हुआ है।

भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग

यह आंदोलन राज्य में छात्रों और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों द्वारा परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रणाली में सुधार और उन परीक्षाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे अनियमितताओं के साथ आयोजित की गई थीं। रांची में विधानसभा के पास भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इससे पहले, JPSC-JSSC के उम्मीदवारों के 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को काबू करने की कोशिश में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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