जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि पात्र सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को शासन परिपत्र अनुसार पूरी ग्रेच्युटी व 7वें वेतनमान की पेंशन दी जाए।
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के हित में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य शासन के परिपत्र के अनुसार पात्र शिक्षकों को पूर्ण ग्रेच्युटी और सातवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन का लाभ दिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने सुनाया।
संस्थानों को करना होगा आदेश का पालन
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन सभी संबंधित संस्थानों को अनिवार्य रूप से करना होगा। विशेष रूप से नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर से सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के मामले में यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें सेवा अवधि के आधार पर पूरी ग्रेच्युटी मिले और पेंशन सातवें वेतनमान के अनुसार तय की जाए।
वित्तीय लाभ में होगी बढ़ोत्तरी
सेवानिवृत्त शिक्षकों को वित्तीय लाभ में वृद्धि होगी। लंबित भुगतान मामलों का निपटारा तेजी से होने की संभावना। अन्य विश्वविद्यालयों व शासकीय संस्थानों के समान मामलों पर भी यह फैसला मिसाल बन सकता है।
अदालत ने कहा
कोर्ट ने माना कि यदि शासन ने लाभ देने का स्पष्ट परिपत्र जारी किया है, तो संबंधित संस्था द्वारा उसे लागू न करना अनुचित है। कर्मचारियों को वैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
राहत भरा फैसला
यह फैसला राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है और इससे समान लंबित मामलों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
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