जिले की विजयपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
श्योपुर। जिले की विजयपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब उनकी गिरफ्तारी की आशंका काफी बढ़ गई है।
अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप
मालूम हो कि वर्ष 2021 में श्योपुर जिले में आई भीषण बाढ़ के दौरान राहत राशि के वितरण में हुई कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार का यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए कहा कि मामले में राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता है। आरोप है कि बाढ़ प्रभावितों को दी जाने वाली सहायता राशि में हेराफेरी की गई और अपात्र लोगों को लाभ पहुँचाया गया।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया थी
इससे पहले अमिता सिंह तोमर ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (ग्वालियर खंडपीठ) में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट से राहत न मिलने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां भी उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी गई। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद जांच एजेंसियों द्वारा उनकी गिरफ्तारी कभी भी की जा सकती है।
मामले ने सुर्खियां बटोरी थी
2021 के बाढ़ राहत घोटाले ने पूरे प्रदेश में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। जांच में पाया गया था कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था।
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