ग्वालियर। पुलिस ने नेशनल हाईवे-719 पर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर हुई अंधाधुंध फायरिंग की गुत्थी को...
ग्वालियर। पुलिस ने नेशनल हाईवे-719 पर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर हुई अंधाधुंध फायरिंग की गुत्थी को महज 48 घंटों में सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो छात्रों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मुखबिरों की मदद से ग्वालियर के एक होटल से दो आरोपियों को दबोचा है।
इमसें अश्वनी भदौरिया (22) निवासी भिंड गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी है। दूसरा आरोपी निखिल चौहान (19) निवासी गाजीपुर, उत्तर प्रदेश निवासी है, जिसने बुलेट चलाई थी। दोनों आरोपी वर्तमान में छात्र हैं और ग्वालियर के बड़ागांव क्षेत्र में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
यह है वारदात
23 फरवरी 2024 (सोमवार) की शाम को बुलेट पर सवार होकर आए इन दोनों बदमाशों ने टोल प्लाजा के बूथ नंबर 7 पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। भागने से पहले उन्होंने वहां एक चिट्ठी (पर्चा) फेंकी, जिसमें लिखा था, "ग्वालियर-भिंड हाईवे को जल्द बनवाओ, खराब सड़क की वजह से लोग मर रहे हैं। या तो हाईवे बनाओ या टोल हटाओ।" चिट्ठी के कारण शुरुआत में ऐसा लगा कि यह किसी आक्रोशित नागरिक या सामाजिक कार्यकर्ता का काम है, जो सड़क की बदहाली से परेशान है।
असल में पुराने विवाद का बदला लेना था
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि 'हाईवे बनाने' वाली बात महज एक दिखावा थी ताकि पुलिस का ध्यान भटक जाए और उन्हें जनता की सहानुभूति मिले। आरोपी अश्वनी भदौरिया का करीब एक साल पहले टोल कर्मियों के साथ विवाद हुआ था। उस समय हुई कहासुनी और अपमान का बदला लेने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी खंगाले, तब मिला सुराग
ग्वालियर पुलिस (महाराजपुरा थाना) ने इस केस को सुलझाने के लिए टोल प्लाजा से लेकर शहर के अलग-अलग रास्तों तक के 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Section 307) और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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