बालाघाट। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में हुई घटनाओं से संबंधित शिकायतों के बाद दो आईपीएस अधिकारियों को...
बालाघाट। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में हुई घटनाओं से संबंधित शिकायतों के बाद दो आईपीएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें अभिजीत रंजन जो उस समय कटनी के पुलिस अधीक्षक (SP) थे और नागेंद्र सिंह जो उस समय बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (SP) थे, शामिल हैं।
क्या है कटनी प्रकरण?
कटनी मामले में मार्च 2025 में विवाद तब सामने आया जब तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्कालीन एसपी अभिजीत रंजन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। 5 मार्च 2025 को दी गई अपनी शिकायत में शर्मा ने आरोप लगाया कि एसपी ने उन्हें धमकाया और उनकी पत्नी सीएसपी ख्याति मिश्रा, जो उस समय जिले में पदस्थ थीं, को ब्लैकमेल करने की कोशिश की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसपी ख्याति मिश्रा को उनके पद से हटाने की कोशिश कर रहे थे और अनुरोध किया कि उन्हें कटनी में रखने के बजाय सीधी, सतना या रीवा में स्थानांतरित कर दिया जाए। विवाद के बाद अभिजीत रंजन का बाद में पुलिस मुख्यालय (PHQ) में स्थानांतरण कर दिया गया।
क्या है बालाघाट प्रकरण?
दूसरे मामले में, नागेंद्र सिंह, जो उस समय बालाघाट के एसपी थे, 4 मई 2025 को स्थानांतरित कर दिया गया था। यह कदम उस समय उठाया गया जब यह रिपोर्ट सामने आई कि उनकी पत्नी ने उनके व्यवहार को लेकर डीजीपी से शिकायत की थी। हालांकि उस समय नागेंद्र सिंह ने कहा था कि उनका स्थानांतरण एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और यह मामला एक व्यक्तिगत पारिवारिक मुद्दा है, जिस की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को पहले से थी।
कई महीनों बाद सरकार की कार्रवाई
कई महीनों बाद अब राज्य सरकार ने दोनों आईपीएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
सरकार की पुष्टि
विशेष पुलिस महानिदेशक (Special DG) आदर्श कटियार ने फ्री प्रेस को बताया कि राज्य सरकार ने संबंधित आईपीएस अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं और वे अपनी प्रतिक्रिया सरकार को प्रस्तुत करेंगे।
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