दलेर मेहंदी के कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि लोगों के दबाव में उन्होंने लिप-सिंक को लेकर सवाल उठाया था।
टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड)। उत्तराखंड में गायक दलेर मेहंदी के कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी एक बड़े नाम और लोकप्रिय गायक हैं, इसलिए उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उनियाल के मुताबिक, उन्हें लगा कि कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने इस मामले पर सवाल उठाया।
लोगों की मांग पर उठाया लिप-सिंक का मुद्दा
सुबोध उनियाल ने बताया कि स्थानीय प्रतिनिधि और मेला कमेटी का सदस्य होने के नाते उन पर लोगों की ओर से सवाल उठाने का दबाव था। उन्होंने एंकर से कहा कि लोग दलेर मेहंदी को सुनने के लिए कार्यक्रम में आए हैं, उनकी टीम को नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में दलेर मेहंदी को खुद गाना चाहिए।
एंकर ने संगीतकारों को दिए गए निर्देशों की जानकारी दी
मंत्री के सवाल उठाने के बाद एंकर ने उन्हें बताया कि सभी संगीतकारों को निर्देश दिया गया था कि वे केवल हाथों से एक्शन करते रहें और गाना चलता रहे। इस जानकारी के बाद कार्यक्रम में प्रस्तुति के तरीके को लेकर चर्चा सामने आई। सुबोध उनियाल ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उन्हें लगा था कि दलेर मेहंदी लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक कर रहे हैं और उन्होंने लोगों की अपेक्षाओं के मद्देनजर इस पर सवाल किया था।
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