इंदौर। शहर में इस बार होली पर एक अलग और सामाजिक संदेश देने वाली पहल की जा रही है। मेंस राइट्स के लिए...
इंदौर। शहर में इस बार होली पर एक अलग और सामाजिक संदेश देने वाली पहल की जा रही है। मेंस राइट्स के लिए कार्यरत संस्था ‘पौरुष’ 2 मार्च की शाम 4 बजे महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड के सामने ‘पुत्र-हंता होलिका’ का दहन करेगी। आयोजन के जरिए उन मामलों को सामने लाने की कोशिश की जाएगी, जिनमें मां द्वारा अपने ही बच्चों के साथ क्रूरता या हत्या की घटनाएं सामने आई हैं।
अपने बच्चों के साथ निर्ममता बरतने के आरोप
संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, इस प्रतीकात्मक ‘पुत्र-हंता होलिका’ पर सूचना सेठ सहित 10 अन्य ऐसी महिलाओं के चेहरे लगाए जाएंगे, जिन पर अपने बच्चों के साथ निर्ममता बरतने के आरोप रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती पारिवारिक हिंसा और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
समाज में अन्याय और क्रूरता के खिलाफ संदेश
आयोजकों ने बताया कि होलिका दहन का यह रूप पौराणिक कथा से प्रेरित है। जैसे असुर राजा हिरण्यकश्यप की बहन होलिका का अंत अहंकार और अत्याचार के प्रतीक के रूप में हुआ था, उसी तरह यह आयोजन भी समाज में अन्याय और क्रूरता के खिलाफ एक संदेश देगा।
बच्चों के खिलाफ अपराध ने समाज को झकझोरा
संस्था का कहना है कि हाल के वर्षों में बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में जरूरी है कि इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कार्यक्रम के दौरान जागरूकता संदेश भी दिए जाएंगे और लोगों से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की जाएगी।
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