इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं को पांच लाख तक का कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस और चैंबर निर्माण में सहयोग देने की घोषणा की।
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई पीढ़ी के अधिवक्ता संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी बनें और न्याय को जमीनी धरातल तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। फ्यूचर रेडी बार ही फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम की मजबूत नींव रख सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय सभी अधिवक्ताओं को सालाना पांच लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस सुविधा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के चैंबर में फर्नीचर व उपकरण के लिए शासन सहयोग करेगा और 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य विधि अधिकारियों की फीस में भी 50 फीसदी से अधिक वृद्धि की गई है।
स्वाधीनता आंदोलन से राष्ट्र निर्माण तक अधिवक्ता समाज की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वह समाज की राय बनाने के साथ उसके विश्वास का प्रतीक भी माना जाता है। स्वाधीनता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण, स्वतंत्र भारत में शासन-प्रशासन के संचालन और राष्ट्र निर्माण के वर्तमान अभियान तक अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की धरती ऐसे अनेक अधिवक्ताओं की गवाह रही है जिन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रैक्टिस के साथ स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। पंडित मोतीलाल नेहरू, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे दिग्गजों ने देश की आजादी और संविधान निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया।
बार-बेंच के बीच सम्मान, संवाद और समन्वय जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय प्रशासन के लिए बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान, शिष्टाचार, संवाद, समन्वय और सहयोग निरंतर बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी थी, लेकिन अब पुलिस प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के साथ 700 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 से अधिक अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट चैंबर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 1.5 लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये और निधन पर परिजनों को मिलने वाली सहायता की पात्रता आयु 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी है। इसके अलावा जिला अदालतों और जेलों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने के साथ इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है।
न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लागू तीन नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में अधिवक्ताओं का सहयोग सराहनीय है। न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है, जो समय पर न्याय मिलने से मजबूत होता है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा प्राइवेसी जैसी नई तकनीकी चुनौतियों को समझते हुए संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी बनें। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है कि निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं। समारोह में मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, महाधिवक्ता अजय मिश्रा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे और महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
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