उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए राज्य में 'वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम' की शुरुआत की जाएगी।
लखनऊ (यूपी)। उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए राज्य में 'वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम' की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक जिले में दो विशेषज्ञों एक आर्थिक विकास फेलो और एक डेटा विश्लेषक की नियुक्ति की जाएगी। इस प्रकार पूरे प्रदेश में कुल 150 सीएम फेलो तैनात होंगे, जो जिला स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी और रणनीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
कैबिनेट की मंजूरी, विकास क्षेत्रों पर फोकस
यूपी के अपर मुख्य सचिव (नियोजन) आलोक कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि योगी कैबिनेट ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 'वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम' को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निवेश संवर्धन, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, आईटी, विनिर्माण, स्टार्टअप और कृषि जैसे क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। इन पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने और उनकी निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में 'डिस्ट्रिक्ट ओडीडी सेल' पहले से गठित है। अब इस सेल को और मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
डेटा और रणनीति से होगा विकास का आकलन
'मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम' का मुख्य कार्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना, योजनाओं की प्रगति का डेटा-आधारित विश्लेषण करना और त्रैमासिक रिपोर्ट तैयार करना होगा। साथ ही वे स्थानीय संसाधनों, निवेश संभावनाओं और आर्थिक गतिविधियों की पहचान कर विकास के लिए सुझाव देंगे। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और तथ्यपरक बनने की उम्मीद है।
फेलो की योग्यता और चयन प्रक्रिया
फेलोशिप के लिए आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे। आर्थिक विकास फेलो के लिए अर्थशास्त्र, पब्लिक पॉलिसी, एमबीए, बीटेक या सीए में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। वहीं डेटा विश्लेषक फेलो के लिए सांख्यिकी, डेटा साइंस या संबंधित क्षेत्रों में योग्यता जरूरी होगी। हिंदी भाषा का ज्ञान अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया दो चरणों लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में पूरी होगी, जबकि अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है।
मानदेय और सुविधाएं
चयनित फेलो को प्रति माह 50 हजार रुपये मानदेय, 40 हजार रुपये तक का लैपटॉप, यात्रा भत्ता और आवास सुविधा दी जाएगी। आवास न मिलने पर 10 हजार रुपये मासिक भत्ता मिलेगा। फेलोशिप एक वर्ष की होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाया जा सकता है। यह पहल जिला स्तर पर विकास को नई गति देने में सहायक साबित होगी।
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