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भारत-नेपाल सीमा पर कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी

सुगम यात्रा को लेकर परिवहन मंत्री का बड़ा बयान, भारत-नेपाल के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि हवाई संपर्क, बस सेवाओं और परिवहन क्षमता को बढ़ाकर दोनों देशों के व्यापार, रोजगार और पारिवारिक संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।

सुगम यात्रा को लेकर परिवहन मंत्री का बड़ा बयान भारत-नेपाल के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

File Photo |

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए सीमा पार परिवहन अवसंरचना को बढ़ावा देने और दोनों देशों के नागरिकों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए राज्य द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर बलारामपुर में एएनआई से बात करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर यात्रा की गतिशीलता के बारे में बताया। 

हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही पर दिया जोर

मंत्री ने व्यापार, रोजगार और पारिवारिक मुलाकातों के लिए पड़ोसी देशों के बीच प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही पर जोर दिया। दया शंकर सिंह ने कहा, नेपाल और भारत के बीच संबंध बहुत गहरे हैं। व्यापार, पारिवारिक मुलाकातों और अन्य कारणों से प्रतिदिन लाखों लोग दोनों देशों के बीच यात्रा करते हैं। पारगमन को सुगम बनाने और रसद संबंधी बाधाओं को दूर करने के उपायों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि अधिकारी विभिन्न माध्यमों से क्षेत्रीय परिवहन क्षमता का सक्रिय रूप से विस्तार कर रहे हैं।

भारत-नेपाल रिश्तों को मजबूत करने पर दिया जोर

मंत्री ने आगे कहा, नेपाल के लोगों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हम हवाई संपर्क, बस सेवाओं का विकास कर रहे हैं और परिवहन क्षमता बढ़ा रहे हैं। आवाजाही में कोई बाधा न हो, यह सुनिश्चित करके हम इन मूलभूत संबंधों को संरक्षित कर सकते हैं और दीर्घकालिक रूप से इस रिश्ते को कायम रख सकते हैं। दया शंकर सिंह की ये टिप्पणियां नेपाल द्वारा भारतीय पर्यटकों के लिए लागू किए गए नए यात्रा संबंधी उपायों के बाद आईं, जिसके चलते भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन पर इनके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।

भारत-नेपाल की खुली सीमा से मजबूत हुए सामाजिक और व्यापारिक रिश्ते

भारत और नेपाल 1950 की शांति एवं मैत्री संधि द्वारा शासित एक खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा शेयर करते हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों देशों के नागरिक मानक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की तुलना में काफी कम प्रतिबंधों के साथ सीमा पार यात्रा, निवास और कार्य कर सकते हैं।
यह खुली सीमा नेपाल से सटे भारतीय राज्यों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के लिए सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां स्थानीय आबादी के गहरे सांस्कृतिक, पारिवारिक और व्यापारिक संबंध हैं। 

भारत-नेपाल के बीच कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर

मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि निर्बाध यात्रा को सुगम बनाने और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए परिवहन नेटवर्क और समग्र संपर्क को बेहतर बनाना आवश्यक है। उन्होंने नेपाल के साथ मजबूत राजनयिक संबंध बनाए रखने और दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जन-संबंधों को फलने-फूलने देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

(इनपुट: ANI)

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