सिंगरौली जिले के बासी बेरदहा इलाके में बड़े पैमाने पर कथित पेड़ों की कटाई का कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया है।
सिंगरौली। जिले के बासी बेरदहा इलाके में बड़े पैमाने पर कथित पेड़ों की कटाई का कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया है। घोरौली गांव के पास बुधवार शाम को दो घंटे तक सड़क पर धरने के बाद शाम को प्रशासन ने जीतू पटवारी, ओंकार मरकाम, कमलेश्वर पटेल, जयवर्धन सिंह औऱ नेहा कावरे को एक कार से जंगल की ओर भेजा। साथ में पुलिस का काफिला भी था।
अडानी को दी गई आदिवासियों की 10 हजार एकड़ जमीन: जीतू पटवारी
जंगल के बाहर पहुंचे जीतू पटवारी ने कहा, "10 हजार एकड़ के पहाड़ों, जंगल और जमीन नष्ट कर अडानी को दे दिया गया। इसके लिए किसी प्रकार की अनुमित नहीं ली गई है। जमीन के बदले आदिवासियों को 4 लाख रूपये का मुआवजा दिया गया। वहीं अन्य लोगों को 16 लाख रूपये का मुआवजा दिया जा रहा है।"
प्रशासन पर अडानी की नौकरी करने का आरोप
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के दो हजार लोग लगे हुए हैं। दस हजार एकड़ में 25 जगह बटालियन खड़ी है। प्रशासन अडानी की नौकरी कर रहा है। गौतम अडानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेठ बताते हुए कहा कि उनके हिसाब से मध्य प्रदेश में दस हजार एकड़ का नया देश अडानी को सौंप दिया गया है। इसके खिलाफ कांग्रेस हर जगह लड़ेगी।
सड़क पर बैठे कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
मालूम हो कि कांग्रेस की 12 सदस्यों की जाच टीम सुबह सिंगरौली पहुंची थी। लेकिन पुलिस ने नेताओं को बासी बेरदहा जाने से पहले ही घिरौली गांव के पास रोक लिया था। इसके बाद सभी सड़क पर ही धरने पर बैठ गये। मौके पर 200 से अधिक कांग्रेस के कार्यकर्ता थे जो प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
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