वाराणसी में जलभराव को लेकर मंत्री ए.के. शर्मा के निरीक्षण के बाद एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पवन कुमार गुप्ता को गंभीर लापरवाही के प्रथम दृष्टया सबूतों पर सस्पेंड किया गया।
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। वाराणसी में जलभराव की समस्या को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शहरी विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के वाराणसी दौरे के दौरान जलभराव वाले इलाकों के निरीक्षण में अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोइठाहा एसटीपी पर पंपों के संचालन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पवन कुमार गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच भी शुरू कर दी गई है। मंत्री ए.के. शर्मा ने साफ संदेश दिया है कि जलभराव जैसी जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंपों के संचालन में लापरवाही पर कार्रवाई
चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोइठाहा एसटीपी पर पंपों के संचालन में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी), वाराणसी के निर्माण प्रभाग (इंजीनियरिंग/मैकेनिकल) में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पवन कुमार गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया। यह कार्रवाई उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता के प्रथम दृष्टया सबूतों के आधार पर की गई है।
अनुशासनात्मक जांच भी शुरू
सस्पेंशन के साथ पवन कुमार गुप्ता के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी (अनुशासन और अपील) नियमावली, 1999 के नियम 7 के तहत अनुशासनात्मक जांच शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी), लखनऊ के मुख्य अभियंता (खरीद) को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन की अवधि में पवन कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी), कानपुर के मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र) के कार्यालय से जुड़े रहेंगे। इस दौरान उन्हें नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
बैकफ्लो रोकने के लिए कार्ययोजना न बनाने का आरोप
प्रथम दृष्टया सामने आया कि पवन कुमार गुप्ता चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन पर नदी के पानी के बैकफ्लो को रोकने के लिए जरूरी गेट/बैरियर लगाने के लिए एस्टीमेट सहित कोई कार्ययोजना तैयार करने में विफल रहे। इसके अलावा, उच्च अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।
3 और 4 सितंबर को बंद थे पंप
जांच में यह भी सामने आया कि 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोइठाहा एसटीपी पर पंप बंद कर दिए गए थे। भारी बारिश के दौरान समय पर पंप नहीं चलने से सीवर लाइनों पर अत्यधिक भार पड़ा। इसके चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया और जनता को कठिनाई एवं परेशानी का सामना करना पड़ा। इस लापरवाही से विभाग की छवि पर भी असर पड़ा।
मंत्री ने पंपिंग स्टेशनों की निगरानी के दिए निर्देश
मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी दौरे के दौरान कहा था कि जलभराव जैसी जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पानी की निकासी के लिए सभी पंपिंग स्टेशनों और नालियों की ठीक से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई कमी या लापरवाही दिखाई दे, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। मंत्री के निर्देशों के पालन में हुई कार्रवाई को जनहित के कामों में जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्त कदम बताया गया है।
जलभराव के स्थायी समाधान पर जोर
शहरी विकास विभाग अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के साथ-साथ शहरों में जलभराव की समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान खोजने पर विशेष जोर दे रहा है। सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जनहित के कार्यों में लापरवाही, उदासीनता या वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। (Source: ANI)
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