आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन शुक्रवार को किया गया। इसमें सरसंघचालक डॉं. मोहन भागवत ने कहा, मत-पंथ, संप्रदाय, भाषा और जाति अलग हो सकती है।
Prime News Network
2026-01-03 17:32:00