बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में 15 दिनों में 48 हमलों की ज़िम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि सैन्य काफिले, चेकपोस्ट, पुलों और सप्लाई रूट को निशाना बनाकर किए।
बलूचिस्तान (पाकिस्तान)। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में 15 दिनों में 48 हमलों की ज़िम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि सैन्य काफिले, चेकपोस्ट, पुलों और सप्लाई रूट को निशाना बनाकर किए गए इन सुनियोजित हमलों में 40 से ज़्यादा पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
1 से 14 जुलाई के बीच कई जिलों में IED ब्लास्ट
BLA के प्रवक्ता जियांद बलूच के बयानों के मुताबिक, संगठन के लड़ाकों ने 1 जुलाई से 14 जुलाई के बीच मस्तुंग, नुश्की, केच, सुराब, खुज़दार, ज़ियारत, खारन और कलात ज़िलों में कई हथियारबंद हमले और IED (इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हमले किए। BLA के अनुसार, 1 जुलाई को दश्त, मस्तुंग में मिलिट्री सप्लाई वाहन को निशाना बनाए जाने के बाद दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। संगठन ने नुश्की और पंजगुर में मालवाहक वाहनों पर हमलों का भी दावा किया। इसे उन्होंने 'आर्थिक नाकेबंदी' का हिस्सा बताया।
मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान
बीते 3 जुलाई को, BLA ने आरोप लगाया कि नुश्की और मस्तुंग में IED हमलों में कम से कम दो सुरक्षाकर्मी मारे गए और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर (जिसमें एक पुल भी शामिल था) को नुकसान पहुंचा। उसने हरनाई, ज़ियारत और दालबंदिन में हाईवे पर अस्थायी नाकेबंदी करने, पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लेने और कई पुलों व कमर्शियल वाहनों को नष्ट करने का भी दावा किया।
पुलिस स्टेशन पर कब्जा और खलीफाट में भीषण जंग
संगठन ने बाद के दिनों में केच, नुश्की और खुज़दार में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमलों की ज़िम्मेदारी भी ली, जिनमें मिलिट्री कैंपों पर ग्रेनेड हमले, पेट्रोलिंग टीमों पर हमले और अहमद वाल में पुलिस स्टेशन पर कुछ देर के लिए कब्ज़ा करने के बाद उसे आग के हवाले करना शामिल था। BLA ने कहा कि सबसे भीषण लड़ाई 7 जुलाई को हरनाई के पास खलीफ़ाट इलाके में हुई। यहां झड़पों के दौरान कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। साथ ही, 14 जुलाई को क्वेटा-कराची हाईवे पर एक अहम पुल को धमाके से उड़ाने का भी दावा किया गया।
मुठभेड़ में 5 बलूच लड़ाके भी ढेर
संगठन ने माना कि ऑपरेशन्स के दौरान उसके पांच लड़ाके मारे गए, जिनकी पहचान रहीमउल्लाह उर्फ़ ज़फ़र, खैर मोहम्मद उर्फ़ हमल, संगत काका उर्फ़ रशीद, मसूद उर्फ़ सामी और शाह नज़र उर्फ़ बादल के तौर पर हुई है। बयान के आखिर में BLA ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ अपना हथियारबंद अभियान जारी रखने के संकल्प को दोहराया।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: ईरान ने अमेरिकी नागरिक डीना करारी को किया रिहा, डोनाल्ड ट्रंप ने की तारीफ