फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान ओसानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर क्रैश एक्स से हमला किया। सूझबूझ और यात्रियों की मदद से बड़ा विमान हादसा टला। पढ़ें पूरी खबर।
दुबई (UAE)। अमीराती सरकारी न्यूज एजेंसी WAM के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल काउंसलर हमद सैफ अल-शम्सी ने खुलासा किया है कि ओमान के नागरिक और फ्लाईदुबई के को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने इसी सप्ताह एक उड़ान के दौरान आतंकवादी घटना को अंजाम देने की कोशिश की। हमलावर ने तेल अवीव जाने वाली बुधवार की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर आपातकालीन 'क्रैश एक्स' (कुल्हाड़ी) से अचानक हमला कर दिया और विमान के नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
"इस गंभीर घटना की सभी परिस्थितियों, इसके उद्देश्यों और इससे जुड़े संपर्कों का बारीकी से पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा तकनीकी परीक्षण और भौतिक व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच जारी है।" — हमद सैफ अल-शम्सी, अटॉर्नी जनरल काउंसलर, UAE
आपातकालीन लैंडिंग और सूझबूझ से टला हादसा
अमीराती अभियोजक के अनुसार, जांच के दौरान यह पुष्टि हुई है कि को-पायलट ने हवा में ही इस आक्रामक हमले को अंजाम दिया। विमान के कॉकपिट में रखा 'क्रैश एक्स' (कुल्हाड़ी) एक मानक आपातकालीन उपकरण है, जिसका उपयोग गंभीर स्थितियों में विमान के ढांचे को काटने के लिए किया जाता है। इस हिंसक संघर्ष के कारण हाइजैकिंग की इमरजेंसी स्थिति पैदा हो गई और जेट महज दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन स्मित मच्छार ने हार नहीं मानी और डटकर मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे क्रू मेंबर, यात्रियों और वहां मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों को अंदर आने का मौका मिला। इन सभी ने मिलकर हमलावर को काबू किया और विमान को नियंत्रित किया। अंततः सऊदी अरब के तबुक में एक आपातकालीन लैंडिंग कराई गई, जहां विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित बाहर निकल आए।
हमलावर की संदिग्ध पृष्ठभूमि और रेडिकल कनेक्शन
इस सनसनीखेज सुरक्षा चूक के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में अल-हम्मामी की पृष्ठभूमि को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं। 'CBS न्यूज' और 'अल अरबिया इंग्लिश' के सूत्रों के मुताबिक, उसने पहले ओमान एयर के साथ पायलट की ट्रेनिंग ली थी, जहां सरकारी निगरानी के दौरान उसका कट्टरपंथी वेबसाइटों पर जाने का मामला सामने आया था।
इसके बाद उसे डेस्क ड्यूटी पर ट्रांसफर कर दिया गया और उसने साल 2024 के आसपास इस्तीफा दे दिया। इससे पहले सीरिया में अपने प्रवास के दौरान चरमपंथी गतिविधियों से जुड़े संदेहों के कारण उसे ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। दुबई शिफ्ट होने के बाद, फ्लाईदुबई ने ओमान सरकार से औपचारिक बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किए बिना ही उसे नौकरी पर रख लिया था।
इस बीच, 'CNN' की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर घटना के लगभग नौ घंटे बाद एक एल् अल (El Al) एयरक्राफ्ट का कॉकपिट फुटेज और अल-कायदा के सरगना अयमान अल-जवाहिरी जैसी शख्सियतों की तस्वीरें पोस्ट की गई थीं। उसके करियर रिकॉर्ड में ओमान एयर और रॉयल एयर मारोक के साथ काम करने के अनुभव का भी जिक्र है। इस बहुचर्चित मामले में सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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