ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरू मध्य वैश्विक नौवहन के लिए खुला है लेकिन अमेरिका और इजराइल के जहाजों को इस मार्ग से नहीं गुजरने दिया जाएगा।
न्यूयार्क। ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरू मध्य वैश्विक नौवहन के लिए खुला है लेकिन अमेरिका और इजराइल के जहाजों को इस मार्ग से नहीं गुजरने दिया जाएगा। 'यूरोशलम पोस्ट' ने यह जानकारी दी है।
अमेरिका और इजराइल के जहाजों के गुजरने पर प्रतिबंध
रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने शनिवार को एक अमेरिकी पत्रिका के साथ भेंटवार्ता में कहा कि तनाव के बावजूद यह वैश्विक तेल शिपमेंट कॉरिडोर अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए बंद नहीं है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि ईरान यहां से अमेरिका और इजराइल के जहाजों के गुजरने पर खास तौर पर प्रतिबंध लगाने की सोच रहा है। उन्होंने यह भी माना कि सुरक्षा चिंताओं के कारण कई जहाज इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं, लेकिन इसका ईरान से कोई संबंध नहीं है।
होर्मुज जलमार्ग में फंसे हैं सैकड़ों जहाज
अराघची का बयान ऐसे समय में आया है, जब होर्मुज जलमार्ग में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं। इनमें भारत के भी टैंकर और ईंधन लदे जहाज हैं। सीट्रेड मैरीटाइम की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को जब अमेरिका/इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ा, तब 25,000 टन से अधिक क्षमता वाले लगभग 240 बल्क कैरियर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के भीतर ही फँस गए थे। 14 मार्च तक इनमें से केवल 36 कैरियर ही अब तक बाहर आ पाए हैं, यानी अब भी 80 प्रतिशत इसी संकरे जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं।
तीन जहाज भारत पहुंचे
एक अन्य समाचार के अनुसार, भारत के लिए राहत की बात है कि 4 मार्च के बाद से अब तक एक जहाज मुंबई आ चुका है, बाकी दो जहाज अगले 1-2 दिन में आ सकते हैं। 'आईएनएस शिवालिक' और 'नंदा देवी' गैस और एलपीजी लेकर आ रहे हैं। भारत में ईरान के राजदूत ने कहा कि भारत हमारा मित्र है, ऐसे में उसके जहाज यहां से गुजर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके पीछे दोनों देशों की पुरानी दोस्ती और साझा हित हैं।
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