ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 14-सूत्रीय MoU पर ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना की और अमेरिका से अपने वादों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
Iran Criticizes Trump’s Remarks on 14-Point MoU, Says Broken Promises Are Unforgivable |
तेहरान (ईरान)। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर की गई टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने वाशिंगटन पर अपने कूटनीतिक वादों से मुकरने का आरोप लगाया और अमेरिका को इसके लिए जवाबदेह ठहराने की मांग की। बगाई की ये टिप्पणियां ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप के हालिया बयानों के संदर्भ में आई हैं।
इस्माइल बगाई ने अमेरिका की कूटनीतिक नीति पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस्माइल बगाई ने कहा कि कूटनीति के प्रति वाशिंगटन की अवहेलना एक बार फिर सामने आ गई है। उन्होंने ट्रंप के उस कथित बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें इस्लामाबाद MoU पर कभी भरोसा नहीं था और वह इसे समय की बर्बादी मानते थे। बगाई के अनुसार, ट्रंप की इस टिप्पणी से अमेरिका के कूटनीतिक वादों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
वाशिंगटन का वादों से मुकरने का पुराना इतिहास
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का अपने वादों से मुकरना ईरान के लिए कोई नई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां अमेरिका के लिए असुविधाजनक हो जाती हैं, तो वह उन्हें आसानी से दरकिनार कर देता है। बगाई ने इस रुख को अमेरिका के पुराने व्यवहार से जोड़ते हुए कूटनीतिक प्रतिबद्धताओं के पालन पर सवाल उठाए।
यूरोपीय देशों से भी अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की मांग
बगाई ने यूरोपीय देशों और वाशिंगटन का बचाव करने वालों के रुख की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कथित दुर्व्यवहार पर पर्दा डालने और उसे जवाबदेही से बचाने का कोई औचित्य नहीं है। उनके बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में किसी भी देश की जिम्मेदारी तय करने से बचना नहीं चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय कानून को चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जा सकता
इस्माइल बगाई ने अपने बयान में कहा, “वादे तोड़ने को माफ नहीं किया जा सकता, अंतरराष्ट्रीय कानून को चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जा सकता, और किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाजी वाशिंगटन को जवाबदेही से नहीं बचा सकती।” उन्होंने अमेरिका से अपने कूटनीतिक वादों और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह रहने की मांग की।
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