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फारस की खाड़ी में जहाजों पर कड़ा नियंत्रण लागू

फारस की खाड़ी में समुद्री नाकेबंदी, नो मूव जोन घोषित

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने फारस की खाड़ी में अपनी समुद्री नाकाबंदी को बेहद आक्रामक कर दिया है।

फारस की खाड़ी में समुद्री नाकेबंदी नो मूव जोन घोषित

फाइल फोटो |

तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने फारस की खाड़ी में अपनी समुद्री नाकाबंदी को बेहद आक्रामक कर दिया है। उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग में 'नो-मूव' जोन लागू कर दिया है। आईआरजीसी ने दावा किया है कि वह कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अब तक निशाना बना चुका है। उस क्षेत्र में वहां जहाजों के हिलने-डुलने पर भी सख्त मनाही है।

सरकारी डॉक्यूमेंट्री में दिखाए आईआरजीसी के हमले

ईरान की सरकारी 'प्रेस टीवी' ने 'एक्स' पर फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के बीच से एक ग्राउंड डॉक्यूमेंट्री साझा की है। उसमें आईआरजीसी द्वारा अब तक 14 तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है। उनमें दो अमेरिकी टैंकर भी हैं। डॉक्यूमेंट्री के दृश्य बेहद तनावपूर्ण माहौल को दर्शाते हैं। वीडियो में बंदर अब्बास के बासीज लड़ाकों को स्पीडबोट्स का संचालन करते हुए दिखाया गया है। इन्हें फारस की खाड़ी का रक्षक कहा जा रहा है। विदेशी तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिर खड़े हैं। उन्हें अपना इंजन चालू करने तक की अनुमति नहीं है।

ड्रोन की निगरानी और रणनीतिक द्वीपों पर सैन्य घेराबंदी

आईआरजीसी ने समुद्र में एक ऐसा क्षेत्र निर्धारित कर दिया है जहां से कुछ दर्जन मीटर भी खिसकने पर जहाजों पर तुरंत ड्रोन से हमला किया जा रहा है। वीडियो में होर्मुज द्वीप, जलडमरूमध्य, लारक द्वीप और उन ऊंचाइयों को दिखाया गया है जहां लड़ाके तैनात हैं। एक दृश्य में नरेटर कैमरामैन को आसमान में उड़ रहे ईरानी ड्रोन को लेकर चेतावनी देता है और वहां से तेजी से निकलने के लिए कहता है।

चेतावनी न मानने वाले जहाजों पर हमले

नौसेना बल के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसिरी ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज को ईरान से पूर्व अनुमति लेनी होगी, अन्यथा उसे ईरानी हमलों का सामना करना पड़ सकता है। चेतावनी को नजरअंदाज करने पर बुधवार को दो जहाजों- 'एक्सप्रेस रोम' और 'मयूरी नारी' को निशाना बनाया गया।

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