ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्विपक्षीय वार्ता के लिए शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचे। अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर से वार्ता संभव है।
तेहरान (ईरान)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्विपक्षीय वार्ता के लिए शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचे। वहां अमेरिकी वार्ताकार- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर से भी वार्ता संभव है। इस बीच, ईरानी सेना ने अपनी क्षमता के बारे में कड़ा संदेश भेजा है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रजा तलाई-निक ने ईरान की सरकारी मीडिया को बताया कि हाल के युद्ध में मिसाइल क्षमता का ठीकठाक हिस्सा इस्तेमाल नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि देश के सुरक्षा बलों ने रणनीतिक प्रतिरोध कायम रखा।
ईरान का सख्त संदेश- मिसाइल ताकत अब भी सुरक्षित
प्रवक्ता ने आगे यह भी कहा कि हाल में युद्ध विराम लागू होने तक सुरक्षा बलों का ईरान के अधिकृत क्षेत्र के आकाश पर पूरा नियंत्रण था। प्रेस टीवी द्वारा दिए गए विस्तृत ब्योरे के अनुसार ब्रिगेडियर जनरल ने कहा-राष्ट्र ने संयम बरता और अधुनिक हथियारों को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित बचा कर रखा। उन्होंने इस बात के लिए प्रशंसा की कि राष्ट्र भर में शस्त्रों का उत्पादन हुआ और आत्मनिर्भता सुनिश्चित की गई। उन्होंने यह भी उजागर किया कि देशभर की 9 हजार कंपनियों ने सुरक्षाबलों और रक्षा मंत्रालय का सहयोग किया।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/netanyahu-urged-us-presidents-to-attack-iran/178697
तीन राष्ट्रपतियों ने खारिज किया था ईरान पर हमले का प्रस्ताव