रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील के सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को अमेरिका आने की मंजूरी दी है। उनके खिलाफ ब्राजील में कई मामलों की जांच चल रही है।
वाशिंगटन डीसी। ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा से हार के बाद सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका आने की मंजूरी दे दी है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के एक सलाहकार ने इसकी जानकारी दी। वहीं, ब्राजील के समाचार आउटलेट 'बाहिया नोटिसियास' (Bahia Notícias) ने भी रिपोर्ट दी है कि अमेरिकी सरकार फ्लेवियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी करेगी।
पासपोर्ट जमा करने के आदेश के बीच अमेरिकी मंजूरी की जानकारी
CNN के अनुसार, सोमवार को ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को पता था कि ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत फ्लेवियो बोल्सोनारो को अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए लगभग 24 घंटे का समय दिया गया है। इसके बावजूद अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। CNN को अमेरिका के दो अधिकारियों ने बताया कि बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी किया जा रहा है।
पत्नी और दो बेटियों के साथ अमेरिका पहुंचे सीनेटर
बोल्सोनारो परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, फ्लेवियो बोल्सोनारो अपनी पत्नी फर्नांडा और दो बेटियों के साथ अमेरिका पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, यह यात्रा ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लूला डा सिल्वा से उनकी हार के दो दिन बाद हुई। ब्राजील के समाचार आउटलेट 'बाहिया नोटिसियास' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिकी सरकार को उनकी यात्रा की जानकारी थी और परिवार को वीजा देने की योजना थी। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने मंगलवार को ब्राजील के समाचार पत्र 'फोल्हा डी एस पाउलो' को भी इस संबंध में जानकारी दी थी।
मार्को रुबियो की भूमिका का दावा, ट्रंप से बातचीत पर स्थिति स्पष्ट नहीं
ब्राजील के समाचार आउटलेट 'बाहिया नोटिसियास' ने मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया कि फ्लेवियो बोल्सोनारो की अमेरिका यात्रा में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका थी। हालांकि, CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्पष्ट नहीं है कि ब्राजील से रवाना होने से पहले ट्रंप और बोल्सोनारो के बीच फोन पर सीधी बातचीत हुई थी या नहीं। इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे में पासपोर्ट जमा करने का दिया था आदेश
यह घटनाक्रम ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अलेक्जेंड्रे डी मोरेस के उस आदेश के बाद सामने आया, जिसमें फ्लेवियो बोल्सोनारो को 24 घंटे के भीतर अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था। CNN के मुताबिक, सोमवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में बोल्सोनारो ने देश छोड़कर भागने की बात से इनकार किया था।
भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई आरोपों की जांच
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लेवियो बोल्सोनारो के खिलाफ ब्राजील की सर्वोच्च अदालत में भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और करेंसी से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोपों की जांच चल रही है। इन जांचों में ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़े आरोप और उनके पिता, ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो पर बनी बायोपिक की फंडिंग से संबंधित मामला भी शामिल है। फ्लेवियो बोल्सोनारो ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। CNN ने यह भी बताया कि उनके ब्राजील से रवाना होने तक उनके खिलाफ कोई गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया गया था।
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