पीएम मित्र पार्क तमिलनाडु (विरुधुनगर) के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने इस सप्ताह 23 निवेशकों को लगभग 190.44 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित की है।
नई दिल्ली। पीएम मित्र पार्क तमिलनाडु (विरुधुनगर) के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने इस सप्ताह 23 निवेशकों को लगभग 190.44 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित की है। इससे करीब 2,192.21 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हो गया है, जिससे 15,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है। कपड़ा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इन स्वीकृत निवेशों में इंटीग्रेटेड प्लांट, धागा निर्माण, कपड़ा उत्पादन, प्रोसेसिंग और फिनिशिंग, गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं।
बोर्ड की 9वीं बैठक में हुए अहम फैसले
भूमि आवंटन के ये निर्णय 27 फरवरी, 2026 को पीएम मित्रा पार्क, तमिलनाडु लिमिटेड (SPV) के निदेशक मंडल की 9वीं बैठक में लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता कपड़ा मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव ने की। बैठक में कपड़ा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रोहित कंसल, तमिलनाडु सरकार के उद्योग और निवेश संवर्धन विभाग के सचिव अरुण रॉय विजयाकृष्णन, सिपकॉट (SIPCOT) के एमडी सेंथिल राज कृष्णन के साथ-साथ एनआईसीडीसी और कपड़ा मंत्रालय के अन्य प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मिलेगा मजबूत आधार
बोर्ड ने कहा कि पार्क में इन्वेस्टर की दिलचस्पी पार्क के डिज़ाइन, गवर्नेंस स्ट्रक्चर और लंबे समय तक चलने वाली कॉम्पिटिटिवनेस में इंडस्ट्री के मज़बूत भरोसे को दिखाती है। बोर्ड ने यह भी कहा कि तमिलनाडु के विरुधुनगर में PM MITRA पार्क में ज़मीन देने से इस इलाके में यार्न, फैब्रिक और गारमेंट प्रोडक्शन की एक इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन बनाने का प्रोसेस तेज़ होगा, जो पहले से ही टेक्सटाइल और कपड़ों का एक बड़ा मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर है।
पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्ध आधुनिक ढांचा
इसके अलावा, पीएम मित्रा पार्क में लगा 20 एमएलडी का 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) सिस्टम छोटे और मध्यम स्तर की इकाइयों सहित कई प्रसंस्करण इकाइयों के लिए स्वच्छ और टिकाऊ सुविधाएं प्रदान करेगा। विरुधुनगर का यह पार्क पीएम मित्र योजना के तहत स्थापित किए जा रहे 7 मेगा पार्कों में से एक है। इस पार्क का निर्माण 1,894 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसमें 15 एमएलडी का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र, केंद्रीय स्टीम बॉयलर और लगभग 13 लाख वर्ग फुट के 'प्लग एंड प्ले' तैयार यूनिट्स शामिल हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
नेशनल हाईवे-44 पर स्थित और तूतीकोरिन बंदरगाह से केवल 106 किमी दूर होने के कारण, यह पार्क बेहतरीन कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और एक मैच्योर टेक्सटाइल इकोसिस्टम प्रदान करता है। मंत्रालय ने जानकारी दी कि पार्क स्थल और उसके आसपास लगभग 550 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे का काम पहले से ही चल रहा है, और इस पार्क को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बोर्ड ने प्रगति पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया और भारत की टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए पारदर्शी और नीति-आधारित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/nitin-naveen-targets-mamata-govt-predicts-bjp-victory-in-bengal/146674
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार का सफाया तय: नितिन नवीन का तीखा हमला