केरल में अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। लक्ष्मी प्रिया, उनके पति जयेश और एक महिला पुलिसकर्मी पर FIR दर्ज करने का आदेश।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस घटना से जुड़ा है जब लक्ष्मी प्रिया की शिकायत के बाद अंसिबा हसन को त्रिपुनिथुरा स्थित महिला सेल में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लक्ष्मी प्रिया का आरोप था कि उन्हें अंसिबा की ओर से आपत्तिजनक व्हाट्सएप संदेश भेजे गए थे।
अदालत ने पुलिस को दिए जांच के आदेश
त्रिपुनिथुरा के न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने अंसिबा हसन की शिकायत पर सुनवाई के बाद मामले की विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया। अदालत ने शिकायत को संबंधित पुलिस थाने भेजते हुए एफआईआर दर्ज कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत जांच करने को कहा।
अंसिबा हसन ने लगाए गंभीर आरोप
अंसिबा हसन का आरोप है कि उन्हें महिला सेल में करीब तीन घंटे तक गैरकानूनी तरीके से रोके रखा गया। इस दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और माफीनामा लिखने के साथ उसे गाकर सुनाने के लिए भी मजबूर किया गया। उनका कहना है कि इसके बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया गया।
माफीनामे में बदलाव का भी आरोप
अंसिबा ने यह भी दावा किया कि बाद में उनकी जानकारी और अनुमति के बिना माफीनामे में बदलाव कर दिया गया। उन्होंने पहले इस मामले की शिकायत सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) से की थी, लेकिन शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
पुलिस ने पहले नहीं दर्ज की थी FIR
जब पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, तब अंसिबा हसन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब अदालत के आदेश के बाद पुलिस को एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी होगी।
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