सीबीआई ने बीआरओ निधि के दुरुपयोग मामले में लद्दाख स्थित बीआरओ के एक सहायक अभियंता (सिविल) और कारगिल के दो श्रम आपूर्ति एजेंट शामिल हैं।
नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कोष के दुरुपयोग के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लद्दाख स्थित बीआरओ के एक सहायक अभियंता (सिविल) और कारगिल के दो श्रम आपूर्ति एजेंट शामिल हैं। जांच एजेंसी ने यह जानकारी दी।
11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 26 स्थानों पर चलाया तलाशी अभियान
इससे पहले सीबीआई ने बीआरओ के कोष के दुरुपयोग से संबंधित 4 आपराधिक मामलों के सिलसिले में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 26 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। एक विज्ञप्ति के अनुसार, इन 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड शामिल हैं।
आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य किए गए थे बरामद
एजेंसी ने बताया था कि तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे। ये मामले लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में विजयक और योजन परियोजनाओं में दिहाड़ी मजदूरों की तैनाती में अनियमितताओं और फर्जी दिहाड़ी मजदूरों के नाम पर भुगतान जारी करने से संबंधित हैं।
आपराधिक शिकायतों के आधार पर इस संबंध में चार एफआईआर की गईं दर्ज
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा मंत्रालय द्वारा दर्ज की गई आपराधिक शिकायतों के आधार पर इस संबंध में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये शिकायतें बीआरओ के तकनीकी अधिकारी बोर्ड द्वारा की गई आंतरिक जांच पर आधारित हैं। सीबीआई ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि वे इन मामलों में जल्द से जल्द व्यापक जांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इन सदस्यों को किया गया नामजद
यह अपराध आईपीसी के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी से संबंधित है। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि एफआईआर में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर रैंक के कुल 10 अधिकारियों के साथ-साथ कुछ निजी व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है।
(एएनआई)
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