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'महादेव ऐप' जुआ मामले में दाखिल किए 05 आरोप पत्र

'महादेव ऐप' जुआ मामले में CBI ने 66 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किए पांच आरोप पत्र

'महादेव ऐप' देश में उजागर हुए सबसे बड़े अवैध सट्टेबाजी गिरोहों में से एक है, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जाता था।

महादेव ऐप जुआ मामले में cbi ने 66 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किए पांच आरोप पत्र

File Photo |

नई दिल्ली: 'महादेव ऐप' से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छह आरोपियों- आशीष दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मनी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के अपराधों के लिए आरोप पत्र दाखिल किया है। 

जांच एजेंसी ने 66 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किए पांच आरोप पत्र

केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि सीबीआई ने मुख्य सरगना सौरभ चंद्रकार और रवि उप्पल और अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत भी पेश किए हैं, जिनके खिलाफ पहले आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। सीबीआई द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महादेव ऐप मामले में जांच एजेंसी ने 66 आरोपियों के खिलाफ पांच आरोप पत्र दाखिल किए हैं, जिनमें सौरभ चंद्रकार और रवि उप्पल के साथ-साथ सट्टेबाजी सिंडिकेट पैनल के सदस्य भी शामिल हैं, जिनके माध्यम से अपराध की आय का लेन-देन किया गया था। ये आरोप पत्र आईपीसी और छत्तीसगढ़ जुआ निषेध अधिनियम के तहत अपराधों के लिए दाखिल किए गए हैं। 

अवैध सट्टेबाजी गिरोहों में से एक है 'महादेव ऐप'

सीबीआई के अनुसार, 'महादेव ऐप' देश में उजागर हुए सबसे बड़े अवैध सट्टेबाजी गिरोहों में से एक है, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जाता था। सौरभ चंद्रकार और रवि उप्पल ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने वाले एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क में बदल दिया था। जांच में पता चला है कि गिरोह देश भर में अवैध सट्टेबाजी पैनल चलाता था. उपयोगकर्ताओं को नामांकित करता था और गेम व सट्टेबाजी बाजार संचालित करता था, जिससे अवैध लाभ अर्जित होता था। इस लाभ को बाद में फर्जी खातों के जाल के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग किया जाता था और अंत में विदेशों में स्थानांतरित कर दिया जाता था। अपराध की आय का एक हिस्सा सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षा राशि के रूप में दिया जाता था।

अन्य सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए जारी है जांच

जांच में पता चला है कि महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी कुछ साल पहले पश्चिम एशियाई देशों में भाग गए थे और भारत के बाहर से इस नेटवर्क का संचालन जारी रखे हुए हैं। विदेश भाग चुके चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस गिरोह के पूरे प्रसार के साथ-साथ इसके राजनीतिक और नौकरशाही संरक्षण का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए आगे की जांच जारी है। सीबीआई ने कहा कि भविष्य में और आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे।

(एएनआई)

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