प्रवर्तन निदेशालय ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत टीएमसी के तीन एचडीएफसी बैंक खातों में जमा ₹440.42 करोड़ फ्रीज किए हैं। मामला संदिग्ध धन हस्तांतरण से जुड़ा है।
नई दिल्ली (भारत)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बताया कि पार्टी के कुछ बैंक खातों के माध्यम से कथित बेईमानी भरे वित्तीय लेन-देन, अवैध रूप से धन संग्रह और संदिग्ध धन के हस्तांतरण के मामले में जांच के सिलसिले में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के तीन एचडीएफसी बैंक खातों में पड़े 440.42 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने विमानन क्षेत्र में कार्यरत केयरवेल समूह की कंपनियों से संबंधित पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत कोलकाता और आसपास के पांच परिसरों में एक दिन पहले की गई तलाशी के बाद यह राशि फ्रीज की।
वित्तीय लेन-देन मामले में जांच जारी
ईडी ने एक बयान में कहा, "तलाशी के दौरान, एआईटीसी के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में पड़े 440.42 करोड़ रुपये पीएमएलए, 2002 की धारा 17 (1-ए) के तहत फ्रीज कर दिए गए हैं।" ईडी ने बताया कि उसने कथित बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, अवैध रूप से धन संग्रह और टीएमसी के कुछ बैंक खातों के माध्यम से संदिग्ध धन के हस्तांतरण के मामले में पश्चिम बंगाल के बिधाननगर स्थित साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए, 2002 के तहत जांच के सिलसिले में तलाशी अभियान शुरू किया है।
TMC खातों से 160 करोड़ ट्रांसफर का दावा
ईडी ने आगे बताया कि उसकी जांच में पता चला है कि टीएमसी के बैंक खातों से केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसकी संबंधित इकाई को लगभग 160 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए, जिनमें से अधिकांश अप्रैल 2023 और जून 2026 के बीच हुए।
विमान और हेलीकॉप्टर खरीद की जांच
एजेंसी ने यह भी खुलासा किया कि केयरवेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने 2023-2026 के दौरान एक अन्य नवगठित संबंधित इकाई को 82.96 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की, जिसका उपयोग एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और एक हेलीकॉप्टर, ऑगस्टा 109 ग्रैंड न्यू की खरीद के लिए किया गया था।
17 लाख डॉलर के ऋण की भी पड़ताल
ईडी ने अपने बयान में कहा, "उक्त खरीद के लिए 112 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल किया गया। यह भी पता चला है कि उक्त हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए वर्ष 2023 में केमैन आइलैंड्स स्थित एक संस्था से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का असुरक्षित ऋण लिया गया था।"
संदिग्ध लेन-देन की जांच में जुटी ED
घीय एजेंसी ने आगे कहा कि ये एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता हेलीकॉप्टर, पार्टी के कोष से खरीदे जाने के बावजूद, बाद में टीएमसी को ही किराए पर दिए गए थे। इसके बाद, ईडी ने कहा, "विमान के उपयोग के बहाने बड़ी रकम हस्तांतरित की गई।" ईडी ने यह भी कहा कि लेन-देन के वास्तविक लाभकारी उद्देश्य का पता लगाने के लिए "संदिग्ध व्यवस्था" की जांच की जा रही है।
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