भारत और मलेशिया ने रविवार को अपनी रणनीतिक साझेदारी में नई गति लाने का संकल्प लिया। इससे रक्षा और सुरक्षा सहयोग का काफी विस्तार होगा।
कुआलालंपुर (मलेशिया)। भारत और मलेशिया ने रविवार को अपनी रणनीतिक साझेदारी में नई गति लाने का संकल्प लिया। इससे रक्षा और सुरक्षा सहयोग का काफी विस्तार होगा और साथ ही सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल भुगतान जैसे उच्च प्राथमिकता वाले उभरते क्षेत्रों में संयुक्त पहलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
संबंधों को नई गति देने पर जोर
पीएम मोदी की यह इस साल की पहली विदेश यात्रा है। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को नई गति और गहराई देने वाला बताया। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त संवाददात सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने घोषणा की कि दोनों देश असाधारण तरीके से भागीदारी बढ़ाएंगे। साथ में ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्यूफैक्चरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगातार संबंध बढ़ाएंगे। मोदी ने दोनों देशों के बीच हाल में आई नई ऊर्जा का श्रेय अनवर इब्राहिम को दिया।
मलेशिया में पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत
वार्ता से पहले मोदी का आज सुबह पर्दाना पुत्र में औपचारिक स्वागत किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत और मलेशिया के बीच सभ्यतागत, ऐतिहासिक और जन-संबंधों पर आधारित घनिष्ठ संबंध हैं।" प्रधानमंत्री ने शनिवार को मलेशिया की यात्रा पर रवाना होने से पहले अपने संदेश में संकेत दिया था कि यह यात्रा गहन रक्षा सहयोग और मजबूत आर्थिक जुड़ाव को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी।
रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा था, "भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है। मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।" उन्होंने कहा था, "हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।" भारत और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया।
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