तेहरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के बाद सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में तेज उछाल देखने को मिला।
नई दिल्ली [भारत]: तेहरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के बाद सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में तेज उछाल देखने को मिला। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 79.17 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जो 3.16 अमेरिकी डॉलर या 4.16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। वहीं, अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 74.47 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा, जिसमें 3.06 अमेरिकी डॉलर या 4.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़े तनाव का असर
तेल की कीमतों में यह उछाल होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के बाद आया है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। क्षेत्रीय तनाव के बीच इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने रविवार को जारी बयान में कतर, ओमान, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की। संगठन ने इन हमलों को संबंधित देशों की संप्रभुता का "स्पष्ट और निरंतर उल्लंघन" तथा अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों के विपरीत बताया।
अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप
OIC ने ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। संगठन के अनुसार, ये कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और OIC चार्टर का उल्लंघन हैं। OIC ने कहा कि ऐसे कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं तथा प्रभावित देशों के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता दोहराई।
OIC महासचिव का बयान
संगठन ने अपने बयान में कहा, "इस्लामिक सहयोग संगठन का महासचिव बहरीन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान और जॉर्डन के खिलाफ ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करता है। यह इन देशों की संप्रभुता और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।" बयान में आगे कहा गया कि ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ जारी आक्रामकता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में व्यवधान से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के वैश्विक प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है।
ओमान ने ईरानी राजदूत को किया तलब
इस बीच, ओमान ने मुसंदम और अल वस्ता प्रांतों में हुए ड्रोन हमलों के बाद कड़ा राजनयिक कदम उठाते हुए ईरानी राजदूत मूसा फरहांग को तलब किया। विदेश मंत्रालय के अवर सचिव शेख खालिद अलमुसलाही ने ईरानी राजदूत को औपचारिक विरोध पत्र सौंपते हुए इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। बैठक के दौरान ओमान ने इन घटनाओं को "गैरजिम्मेदाराना कृत्य" बताते हुए ईरान से पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान करने, हस्तक्षेप न करने और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने की मांग की।
(एएनआई)
यह भी पढ़े: इम्तियाज अली की बेटी इदा अली ने बॉयफ्रेंड कृष अग्रवाल से की सगाई, शेयर कीं रोमांटिक प्रपोजल की तस्वीरें