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अवैध आप्रवासन से संबंधित परिवर्तन भी शामिल

जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव जारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर समिति के गठन की घोषणा के कुछ घंटों बाद गृह मंत्रालय के विदेश मामलों के प्रथम प्रभाग ने मंगलवार देर रात यह प्रस्ताव जारी किया।

जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव जारी

नई दिल्ली । गृह मंत्रालय ने देश भर में देखे जा रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान हेतु एक उच्च स्तरीय जनसांख्यिकीय परिवर्तन समिति (एचएलसीडीसी) गठित करने का प्रस्ताव जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर समिति के गठन की घोषणा के कुछ घंटों बाद गृह मंत्रालय के विदेश मामलों के प्रथम प्रभाग ने मंगलवार देर रात यह प्रस्ताव जारी किया। 

अवैध आप्रवासन से संबंधित परिवर्तन भी शामिल

प्रस्ताव के अनुसार, "जनसांख्यिकीय परिवर्तनों, जिनमें अवैध आप्रवासन से संबंधित परिवर्तन भी शामिल हैं, के कारण व्यापक चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं।"
इसमें कहा गया है कि कुछ क्षेत्रों में देखे जा रहे ये परिवर्तन सामान्य प्रजनन या मृत्यु दर के रुझानों के कारण नहीं हैं, बल्कि अवैध आप्रवासन, अनियमित जनसंख्या गतिशीलता और प्रशासनिक शिथिलता जैसे बाहरी असामान्य कारकों के कारण हैं।


परिवर्तन सीमावर्ती जिलों में सबसे अधिक

प्रस्ताव में कहा गया है कि यद्यपि ये परिवर्तन सीमावर्ती जिलों में सबसे अधिक दिखाई देते हैं, लेकिन इनका प्रभाव शहरी केंद्रों, औद्योगिक गलियारों, आदिवासी क्षेत्रों और अन्य सामाजिक और आर्थिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों तक भी फैला है।प्रस्ताव में कहा गया है, "इन परिवर्तनों ने सार्वजनिक सेवा वितरण, स्थानीय शासन, संसाधन वितरण और सामाजिक सामंजस्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है।"


अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नौलेकर करेंगे

इसमें यह भी बताया गया है कि मौजूदा संस्थागत ढांचा समन्वित, साक्ष्य-आधारित और समयबद्ध मूल्यांकन एवं प्रतिक्रिया के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम नहीं है। प्रस्ताव में आगे
कहा गया है, "इसलिए भारत सरकार ने गृह मंत्रालय के अधीन एचएलसीडीसी का गठन करने का निर्णय लिया है, ताकि देश भर में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की प्रकृति, कारणों और परिणामों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सके और उचित नीतिगत, प्रशासनिक और कानूनी उपायों की सिफारिश की जा सके।"
समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नौलेकर करेंगे और गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विदेशी-I) सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों में जनगणना आयुक्त, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री शमिका रवि शामिल हैं।

आवश्यकतात के अनुसार नामित भी किया जा सकेगा
 

इसमें यह भी कहा गया है कि समिति आवश्यकतानुसार अन्य विशेषज्ञों या एजेंसियों को भी नामित कर सकती है और स्थानीय सरकारों, सुरक्षा एजेंसियों, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों सहित हितधारकों से परामर्श कर सकती है। पैनल के कार्यक्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन एक "गंभीर मुद्दा है जो न केवल हमारी संप्रभुता से जुड़ा है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गहन बदलाव और आदिवासी समाज के संरक्षण से भी संबंधित है।"
 (एएनआई)

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