पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एस.वाई. कुरैशी ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह चुनाव आयोग का बेहद सम्मान करते थे।
नई दिल्ली। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एस.वाई. कुरैशी ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह चुनाव आयोग का बेहद सम्मान करते थे। उन्होंने एक पुराना घटनाक्रम साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने दूसरे यूपीए शासन के दौरान कुछ मंत्रियों की चुनाव आयोग के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मुद्दा उठाया, तो मनमोहन सिंह ने भावुक होकर कहा था, "अगर आप यही सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा..."
कुरैशी ने सुनाया पुराना घटनाक्रम
2010 से 2012 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे एस.वाई. कुरैशी ने एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि मनमोहन सिंह के ये शब्द सुनकर वह स्तब्ध रह गए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री को शांत करने में उन्हें करीब 15 से 20 मिनट लगे। कुरैशी ने बताया कि यह घटना वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान की है। उस समय तत्कालीन केंद्रीय कानून एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने चुनाव के दौरान अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसके बाद भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
आचार संहिता उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
कुरैशी ने कहा कि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद चुनाव आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि सलमान खुर्शीद ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इसके बाद आयोग ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस के कुछ मंत्रियों और नेताओं ने चुनाव आयोग और उनके खिलाफ व्यक्तिगत स्तर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
हरीश खरे से हुई थी बातचीत
एस.वाई. कुरैशी ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार हरीश खरे से इस मुद्दे पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की गरिमा पर लगातार सवाल उठते रहे तो यह गंभीर मामला होगा। हरीश खरे ने उनसे पूछा कि क्या इस विषय की जानकारी प्रधानमंत्री को दी जाए, जिस पर उन्होंने सहमति जताई।
मनमोहन सिंह का आया भावुक फोन
कुरैशी के अनुसार, अगले ही दिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का फोन आया और उन्होंने तत्काल मुलाकात के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान मनमोहन सिंह ने कहा, "अगर आप यही सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा..." कुरैशी ने बताया कि वह इस प्रतिक्रिया के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे और उन्होंने प्रधानमंत्री को समझाया कि उनका उद्देश्य केवल कुछ मंत्रियों के व्यवहार की ओर ध्यान दिलाना था।
'चुनाव आयोग की गरिमा सर्वोपरि थी'
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि उन्होंने मनमोहन सिंह से कहा कि वे चुनाव आयोग के सबसे बड़े समर्थकों में से एक रहे हैं। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि चुनाव आयोग की गरिमा और निष्पक्षता को लेकर मनमोहन सिंह कितने संवेदनशील थे और आयोग पर किसी भी तरह का आरोप उन्हें स्वीकार्य नहीं था।
सलमान खुर्शीद ने जताया था खेद
कुरैशी ने बताया कि फर्रुखाबाद से कांग्रेस उम्मीदवार अपनी पत्नी लुईस खुर्शीद के पक्ष में प्रचार के दौरान सलमान खुर्शीद ने पिछड़े मुसलमानों के लिए नौ प्रतिशत आरक्षण का वादा किया था। चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया और कहा कि वे चुनाव आयोग के निर्णय और विवेक का सम्मान करते हैं।
(एएनआई)
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