आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। आज कृत्तिका नक्षत्र दोपहर करीब 1:26 बजे तक रहेगा, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र आरंभ होगा।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: कार्तिक
ऋतु: शरद ऋतु
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: तृतीया — 29 अक्टूबर की रात करीब 1:07 बजे तक, इसके बाद चतुर्थी
नक्षत्र: कृत्तिका — दोपहर करीब 1:26 बजे तक, इसके बाद रोहिणी
योग: व्यतीपात — सुबह करीब 7:18 बजे तक, इसके बाद वरियान
करण: वणिज — दोपहर करीब 2:37 बजे तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा)
वार: बुधवार
चंद्र राशि: वृषभ
सूर्य राशि: तुला
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह करीब 6:30 बजे
सूर्यास्त: शाम करीब 5:39 बजे
चंद्रोदय: शाम करीब 7:11 बजे
चंद्रास्त: सुबह करीब 8:46 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
लाभ — उन्नति — सुबह 6:30 से 7:53 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — सुबह 7:53 से 9:17 बजे तक
काल — हानि — सुबह 9:17 से 10:41 बजे तक
शुभ — उत्तम — सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक
रोग — अमंगल — दोपहर 12:04 से 1:28 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — दोपहर 1:28 से 2:52 बजे तक
चर — सामान्य — दोपहर 2:52 से शाम 4:15 बजे तक
लाभ — उन्नति — शाम 4:15 से 5:39 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
उद्वेग — अशुभ — शाम 5:39 से 7:15 बजे तक
शुभ — उत्तम — रात 7:15 से 8:52 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — रात 8:52 से 10:28 बजे तक
चर — सामान्य — रात 10:28 बजे से 29 अक्टूबर की रात 12:05 बजे तक
रोग — अमंगल — रात 12:05 से 1:41 बजे तक
काल — हानि — रात 1:41 से 3:17 बजे तक
लाभ — उन्नति — रात 3:17 से 4:54 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — सुबह 4:54 से 6:30 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:47 से 5:38 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह करीब 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 1:56 से 2:40 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम करीब 5:39 से 6:05 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 12:04 से 1:28 बजे तक
यमगंड: सुबह 7:53 से 9:17 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक
दिशा शूल: बुधवार को पारंपरिक मान्यता के अनुसार उत्तर दिशा में दिशा शूल माना जाता है। यात्रा से पहले अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह: राशि
सूर्य: तुला
चंद्रमा: वृषभ
मंगल: कर्क
बुध: तुला
गुरु: कर्क
शुक्र: तुला
शनि: मीन
राहु: कुंभ
केतु: सिंह
Disclaimer: PrimeNews इस लेख में दी गई पंचांग संबंधी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह उपलब्ध पंचांग गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण पूजा, व्रत या शुभ कार्य से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।
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