कोलोरेक्टल कैंसर अचानक इतना जानलेवा क्यों हो जाता है? और यह शरीर के बाकी हिस्सों, खासकर लिवर तक कैसे फैल जाता है?
वॉशिंगटन डीसी | कोलोरेक्टल कैंसर अचानक इतना जानलेवा क्यों हो जाता है? और यह शरीर के बाकी हिस्सों, खासकर लिवर तक कैसे फैल जाता है? सालों से वैज्ञानिक इसके पीछे डीएनए में होने वाले बदलावों को वजह मानते रहे, लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस सोच को बदल दिया है।
GATA6 बना रिसर्च का केंद्र
Weill Cornell Medicine और MIT के शोधकर्ताओं ने एक खास मॉलिक्यूलर स्विच GATA6 की पहचान की है। यह आंत (Intestine) की कोशिकाओं में एक चौकीदार की तरह काम करता है और उनकी सही पहचान बनाए रखता है। लेकिन जब GATA6 का स्तर कम हो जाता है, तो कैंसर का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। खास बात यह है कि यह बदलाव डीएनए म्यूटेशन से नहीं, बल्कि एपिजेनेटिक बदलावों की वजह से होता है, यानी जीन के चालू या बंद होने के तरीके में परिवर्तन से।
कैसे फैलता है कैंसर?
GATA6 का स्तर घटते ही कैंसर कोशिकाएं अपनी मूल पहचान खो देती हैं और भ्रूण जैसी (Fetal-like) लचीली अवस्था में पहुंच जाती हैं। इस प्रक्रिया को लाइनिएज प्लास्टिसिटी (Lineage Plasticity) कहा जाता है। इसके बाद ये कोशिकाएं आसानी से रक्त प्रवाह के जरिए लिवर तक पहुंचकर नए ट्यूमर बनाना शुरू कर देती हैं। चूहों और इंसानों पर किए गए अध्ययन में भी लिवर मेटास्टेसिस वाले मामलों में GATA6 का स्तर काफी कम पाया गया।
रिसर्च से क्या होगा फायदा?
इस खोज से भविष्य में GATA6 को एक बायोमार्कर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डॉक्टर पहले ही यह पहचान सकेंगे कि किन मरीजों में कैंसर के फैलने का खतरा अधिक है। साथ ही वैज्ञानिक ऐसी नई थेरेपी विकसित करने पर काम कर रहे हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को अपना रूप बदलने से रोक सके। यदि इस मॉलिक्यूलर स्विच को नियंत्रित किया जा सका, तो कैंसर को फैलने से पहले ही रोकने की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है।
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