भोपाल स्थित आरजीपीवी में स्नातकोत्तर परीक्षा के प्रश्नपत्र चोरी होने के मामले में कुलपति ने इसे सुनियोजित साजिश बताया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भोपाल (मध्य प्रदेश)। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की स्नातकोत्तर परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर चोरी होने के एक दिन बाद, विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक शर्मा ने शनिवार को प्रश्नपत्रों की कथित चोरी को संस्थान की व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से रची गई "सुनियोजित साजिश" करार दिया।
नौ सीलबंद लिफाफे कथित तौर पर हुए चोरी
शुक्रवार को सुबह 11 बजे निर्धारित परीक्षा से ठीक पहले, विश्वविद्यालय के परीक्षा कक्ष से जैव प्रौद्योगिकी विभाग की परीक्षा के प्रश्नपत्रों वाले नौ सीलबंद लिफाफे कथित तौर पर चोरी हो गए। जब छात्र स्नातकोत्तर चौथे सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंचे, तो परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले उन्हें सूचित किया गया कि प्रश्नपत्रों की अनुपलब्धता के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई है।
परीक्षा केंद्र से हुआ प्रश्नपत्र चोरी
कुलपति शर्मा ने कहा कि उन्हें 3 जुलाई की सुबह सूचना मिली कि विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र चोरी हो गए हैं। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परीक्षा कक्ष में अकेले न जाएं, बल्कि समूहों में जाएं, ताकि घटना का दस्तावेजीकरण हो सके और बाद में किसी पर आरोप न लगे। उन्होंने उन्हें घटनास्थल की तस्वीरें लेने, कमरे को सील करने और बिना देरी किए पुलिस में एफआईआर दर्ज करने का भी निर्देश दिया।
कुलपति का बयान
उन्होंने कहा कि “मैं 20-25 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुँच गया। मैंने देखा कि एक खिड़की टूटी हुई थी और कुछ सामान वहाँ पड़ा था। मेरे साथ मौजूद एक व्यक्ति मलबे पर पैर रखने ही वाला था, लेकिन मैंने उसे रोक दिया क्योंकि वह सबूत था। मैंने अधिकारियों को इलाके की घेराबंदी करने और तुरंत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। यह एक आपराधिक घटना है... यह (प्रश्नपत्र चोरी) विश्वविद्यालय और मध्य प्रदेश के दुश्मनों का काम है। उन्होंने सिर्फ प्रश्नपत्र ही नहीं चुराए हैं; उन्होंने व्यवस्था को नष्ट करने की सुनियोजित साजिश रची है।”
कुलपति ने छात्र संलिप्तता की संभावना को किया खारिज
छात्रों की संलिप्तता की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए, कुलपति ने कहा कि छात्र समय पर परीक्षा चाहते हैं और अपने शैक्षणिक हितों के खिलाफ काम नहीं करेंगे।
आगे कुलपति ने कहा
आगे उन्होंने कहा कि “कोई भी छात्र कभी भी अपने परीक्षा पत्र चुराने या परीक्षा प्रणाली को नष्ट करने की कोशिश नहीं करेगा। हमारे छात्र चाहते हैं कि परीक्षा समय पर आयोजित हो, अपनी पढ़ाई पूरी करें और अपने परिवारों के पास लौटें। क्या वे अपने ही रास्ते में रुकावट डालेंगे? नहीं, वे इसके पीछे नहीं हैं।”
मामले में एफआईआर दर्ज
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और इसके साथ ही संबंधित विभाग के प्रमुख से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा, इस संबंध में एक जांच समिति गठित करने की प्रक्रिया चल रही है।
आगे की जांच जारी
वहीं, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आदर्शकांत शुक्ला का बयान
शुक्ला ने बताया कि "कल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस को लिखित आवेदन दिया और बताया कि 3 जुलाई को होने वाली जैव प्रौद्योगिकी विभाग की परीक्षा के प्रश्न पत्रों के लगभग नौ बंडल परीक्षा कक्ष से गायब हो गए हैं और दरवाजे का ताला टूटा हुआ पाया गया है। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है।"
अज्ञात व्यक्ति रात के दौरान जबरन परिसर में घुस गए
उन्होंने आगे बताया कि मौके पर निरीक्षण के दौरान पुलिस ने पाया कि एक खिड़की टूटी हुई थी और परीक्षा कक्ष का ताला भी क्षतिग्रस्त था, जिससे संकेत मिलता है कि अज्ञात व्यक्ति रात के दौरान जबरन परिसर में घुस गए थे। जांच प्रक्रिया जारी है और घटना से संबंधित तथ्यों का खुलासा समय-समय पर किया जाएगा। (Source- ANI)
यह भी पढ़े: जहानाबाद में अवैध बालू उठाव को लेकर खूनी संघर्ष, ताबड़तोड़ फायरिंग में 7 लोग घायल