उत्तर प्रदेश के आगरा में नकली और अवैध दवाओं के काले कारोबार के खिलाफ FSDA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कम्बूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट और नवबिया मार्केट स्थित 13 दवा फर्मों पर छापेमारी की।
आगरा (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के आगरा में नकली और अवैध दवाओं के काले कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों पर हरकत में आई 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की विशेष टीम ने शहर के कम्बूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट और नवबिया मार्केट स्थित 13 दवा फर्मों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस महाअभियान से पूरे दवा सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने अब तक 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित कर दिए हैं, जबकि इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ कुल 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
इंसुलिन की री-लेबलिंग और नामी ब्रांड्स के नाम पर मौत का सामान
इस छापेमारी में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। बाजार में धड़ल्ले से बेची जा रही नकली Chymoral Forte, Shelcal, Aciloc और यहां तक कि सरकारी अस्पतालों (ESI) में सप्लाई होने वाली दवाओं के नकली रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इसके साथ ही, मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए इंसुलिन और अस्पताल सप्लाई की दवाओं की री-लेबलिंग का एक बहुत बड़ा नेटवर्क बेनकाब किया गया है। अधिकारियों को जांच के दौरान बाजार में बिकने वाली नामी दवा Telma-H समेत कई अन्य दवाओं के भी नकली होने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
STF ने फरार आरोपियों को दबोचा, करोड़ों की बरामदगी का ब्योरा
कार्रवाई के दौरान कई आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिन्हें पकड़ने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को लगाया गया। एसटीएफ ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और उसके आधार पर फरार आरोपियों को धर दबोचा। जांच टीम ने मौके से बरामदगी का जो ब्योरा दिया है, वह इस प्रकार है:
- ₹2.50 करोड़ की कीमत की इंसुलिन, वैक्सीन और डिफेंस/ESI सप्लाई की दवाएं जब्त की गईं।
- ₹50 लाख मूल्य की नकली Oxalgin DP दवा बरामद की गई।
- ₹67 लाख की अन्य अवैध दवाएं और ₹5.20 लाख की री-लेबलिंग वाली दवाएं जब्त की गईं।
- कुल मिलाकर अब तक ₹3.63 करोड़ से अधिक की अवैध-नकली दवाएं सीज की जा चुकी हैं।
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि सिंडिकेट से जुड़ी प्रतिबंधित फर्मों के पुराने बिलों का इस्तेमाल कर ₹1.88 करोड़ की फर्जी बिलिंग की जा रही थी।
35 नमूने लैब भेजे गए, आयुक्त की सख्त चेतावनी
विभागीय टीम ने छापेमारी के दौरान अलग-अलग फर्मों से 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने (Samples) एकत्र किए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच और शुद्धता की प्रामाणिकता परखने के लिए प्रयोगशाला (Lab) भेज दिया गया है। विभाग की ओर से इस मामले में 14 दवा संचालकों के खिलाफ 3 नई FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दे दी गई है, जिससे आरोपियों पर कानूनी शिकंजा और कड़ा होगा। इस बड़ी कार्रवाई पर औषधि प्रशासन के आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि, "नकली दवा नेटवर्क को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही इस अवैध धंधे और अवैध वसूली में लिप्त सभी चेहरों पर आगे भी ऐसी ही कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।"
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