उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।
फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी ने मासूम को कई बार जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी थी। बताया गया कि वह बच्चे की मां से शादी करना चाहता था और इनकार किए जाने के बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
तेजी से पूरी हुई सुनवाई
शुक्रवार दोपहर करीब 2:45 बजे अदालत ने अपना फैसला सुनाया। सरकारी पक्ष के अनुसार, घटना के महज एक महीने 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा हो गया। पुलिस ने छह दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि घटना के समय आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। इस मामले में घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सबसे अहम सबूत साबित हुई। फुटेज में आरोपी मासूम को जमीन पर पटकता हुआ दिखाई दिया। बताया गया कि अदालत में वीडियो दिखाए जाने के दौरान आरोपी भावुक हो गया और खुद को थप्पड़ मारने लगा।
टॉफी दिलाने के बहाने ले गया था बच्चा
घटना 30 मई को शिकोहाबाद क्षेत्र में हुई थी। आरव अपनी मां रति और नानी के साथ रिश्तेदार से मिलने आया था। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और टॉफी दिलाने के बहाने मासूम को अपने साथ ले गया। कुछ दूर सुनसान जगह पर उसने बच्चे को कई बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी बच्चे को वापस लाकर घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
शादी से इनकार के बाद रची साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से बच्चे की मां पर शादी का दबाव बना रहा था। महिला पहले से शादीशुदा थी और उसने आरोपी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने बदला लेने की नीयत से मासूम की हत्या कर दी। फैसले से पहले बच्चे की मां ने कहा था कि जिसने उसके मासूम बेटे को इतनी बेरहमी से मार डाला, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि यह फैसला समाज के लिए एक मिसाल बनेगा और ऐसे अपराध करने वालों में कानून का डर पैदा करेगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस और सरकारी वकीलों ने मामले की तेजी से पैरवी की। गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।