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काला दिवस पर आंगनवाड़ी कर्मियों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी और मिड-डे मील कर्मियों का 'काला दिवस' प्रदर्शन, बेहतर वेतन और NEP वापस लेने की मांग

रायचूर में शुक्रवार को आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी 'काला दिवस' के तहत उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

आंगनवाड़ी और मिड-डे मील कर्मियों का काला दिवस प्रदर्शन बेहतर वेतन और nep वापस लेने की मांग

Anganwadi Workers Mark Black Day Protest |

रायचूर (कर्नाटक): रायचूर में शुक्रवार को आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी 'काला दिवस' के तहत उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बेहतर वेतन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की।

डीसी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) से संबद्ध कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी विभिन्न लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मध्याह्न भोजन योजना के लिए अधिक बजट, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेने, सरकारी स्कूलों में एलकेजी और यूकेजी कक्षाएं शुरू करने के फैसले को वापस लेने, आंगनवाड़ी केंद्रों में घटती लाभार्थी संख्या को दूर करने तथा आंगनवाड़ी एवं मिड-डे मील कर्मियों के लिए बेहतर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी मान्यता की मांग की।

सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियां जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर कर रही हैं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए बिना कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां डाली जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

हिमाचल में भी उठा था यही मुद्दा

इससे पहले जून में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने राज्य सचिवालय का घेराव कर ग्रेच्युटी, पेंशन, ईपीएफ लाभ और बेहतर सेवा शर्तों की मांग की थी। उन्होंने भी चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र होगा।

'50 साल सेवा के बाद भी नहीं मिला उचित सम्मान'

सभा को संबोधित करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता दशकों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक पर्याप्त समर्थन नहीं मिला है। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहुत लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए लड़ रही हैं। लगभग 50 वर्षों की सेवा के बाद भी न तो पर्याप्त वेतन मिला है और न ही उचित भत्ते। जब भी वेतन बढ़ाया जाता है, वह बहुत मामूली होता है। केंद्र सरकार से भी हमें कोई ठोस राहत नहीं मिली है।" उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक सेवा देने के बावजूद सेवानिवृत्ति के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई ठोस वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाती।

(एएनआई)

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