अयोध्या संत मंडल ने चंपत राय का समर्थन करते हुए ट्रस्ट से उनका इस्तीफा स्वीकार न करने की अपील की। साथ ही एसआईटी जांच और पारदर्शी जांच प्रक्रिया का समर्थन किया।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। अयोध्या संत मंडल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को अपना पूर्ण समर्थन दिया है और ट्रस्ट से आग्रह किया है कि राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी से जुड़े विवाद के बीच उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए।
चंपत राय को बताया समर्पित एवं ईमानदार
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतों ने कहा कि वे चंपत राय को कई वर्षों से जानते हैं और उनकी सत्यनिष्ठा और आचरण पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने राय को एक समर्पित और ईमानदार व्यक्ति बताया और कहा कि मीडिया के कुछ वर्गों में फैलाए जा रहे आरोप निराधार और सबूतों से रहित हैं।
संतों ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का किया अनुरोध
संत मंडल ने कहा कि चंपत राय ने स्वयं इस मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच का अनुरोध किया था, जो पारदर्शिता और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संतों ने आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के त्वरित निर्णय की भी सराहना की।
संतों ने पूर्ण समर्थन का दिया आश्वासन
उन्होंने कहा कि मीडिया में लगातार आलोचना और आरोपों का सामना करने के बावजूद चंपत राय ने मौन और गरिमा बनाए रखी है। संतों ने उन्हें अपने आशीर्वाद और पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया और विवाद के दौरान उनके धैर्य की प्रशंसा की। संत मंडल ने ट्रस्ट के सदस्य गोविंद देव गिरि से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि पहले इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने इस फैसले के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की।
एसआईटी जांच के लिए 15 दिन का दिया अतिरिक्त समय
दूसरी ओर, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक 6 जुलाई को होनी है। इस बीच, विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। यह समय सीमा एसआईटी को जांच का दायरा बढ़ाने और मामले के सभी पहलुओं की व्यापक जांच करने में सक्षम बनाने के लिए दी गई है। जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा ताकि हर पहलू की गहन जांच हो सके और कोई भी दोषी व्यक्ति बच न सके।
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