बांदा के तिंदवारा गांव में फर्राटा पंखे में करंट उतरने से ढाई वर्षीय बच्चे और उसे बचाने पहुंची 5 वर्षीय बहन की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार और गांव में शोक छा गया।
बांदा (उत्तर प्रदेश)। बांदा जिले के मेडिकल कॉलेज चौकी क्षेत्र के ग्राम तिंदवारा में शुक्रवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। घर में लगे फर्राटा पंखे में उतरे करंट ने एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की जिंदगी निगल ली। ढाई वर्षीय भाई को तड़पता देख उसे बचाने दौड़ी 5 वर्षीय बहन ने अपनी जान की भी परवाह नहीं की, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही पलों में दोनों मासूम करंट की चपेट में आ गए।
भाई को बचाने पहुंची बहन भी आई करंट की चपेट में
जानकारी के अनुसार, तिंदवारा निवासी बच्चू वर्मा का ढाई वर्षीय पुत्र शनि वर्मा शुक्रवार को घर में लगे फर्राटा पंखे को छू बैठा। पंखे में करंट उतर आने से वह उससे चिपक गया। भाई को तड़पता देख बड़ी बहन प्रयांशी वर्मा (5 वर्ष) दौड़कर उसे बचाने पहुंची। जैसे ही उसने भाई को छुड़ाने के लिए हाथ लगाया, वह भी करंट की चपेट में आ गई और दोनों पंखे से चिपक गए।
अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों ने तोड़ा दम
चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़े और किसी तरह दोनों को करंट से अलग कर तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
एक पल में मातम में बदली परिवार की खुशियां
एक ही पल में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। घर में मासूमों की किलकारियों की जगह चीख-पुकार गूंजने लगी। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं।
बिजली उपकरणों की जांच की अपील
यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि घरों में लगे बिजली के उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही पलभर में पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है।
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