मानसून के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सभी नौ रेंजों में विशेष गश्त अभियान चलाया गया।
उमरिया,(मध्यप्रदेश)। मानसून के आगमन के साथ ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों की निगरानी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। बारिश के मौसम में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने और अवैध शिकार की आशंका को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने पूरे टाइगर रिजर्व में विशेष मानसून गश्त अभियान शुरू किया है। यह अभियान रिजर्व की सभी 9 रेंजों में लगातार संचालित किया जा रहा है।
जंगल के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण
गुरुवार को ताला रेंज में वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सघन गश्त कर जंगल के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। गश्त के दौरान वन मार्गों, जल स्रोतों और वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी गई। अभियान के फोटो और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वन अमला बारिश के बीच जंगल में गश्त करता दिखाई दे रहा है।
अवैध शिकार, प्रवेश, लकड़ी तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी
पार्क प्रबंधन का कहना है, कि यह अभियान केवल ताला रेंज तक सीमित नहीं है, बल्कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सभी नौ रेंजों में समान रूप से चलाया जा रहा है। गश्ती दलों को रणनीतिक ढंग से तैनात किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके। विशेष रूप से अवैध शिकार, अवैध प्रवेश, लकड़ी तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर
मानसून के दौरान जंगलों में हरियाली बढ़ने के साथ वन्यजीव अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे समय में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। वनकर्मी लगातार जंगल में भ्रमण कर वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
मानसून के पूरे मौसम में विशेष गश्त अभियान जारी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि मानसून के दौरान वन और वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सभी नौ रेंजों में विशेष मानसून गश्त संचालित की जा रही है। अधिकारी और वनकर्मी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं तथा अवैध शिकार, अवैध प्रवेश और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि मानसून के पूरे मौसम में यह विशेष गश्त अभियान जारी रहेगा और आवश्यकता के अनुसार निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
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