बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 594 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
मुजफ्फरपुर (बिहार)। एनडीए उम्मीदवार और भाजपा नेता नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मंगलवार को बिहार विधान परिषद चुनाव में तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट 594 वोटों के अंतर से जीत ली। उन्होंने अपनी इस जीत को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की जीत बताया।
एनडीए घटक दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की जीत
उन्होंने अपनी जीत का श्रेय एनडीए घटक दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के प्रयासों को दिया और कहा कि शिक्षकों ने इस उम्मीद के साथ सरकार का समर्थन किया था कि वह उनके हितों में काम करेगी। पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा, "आज की जीत एनडीए घटक दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की जीत है। यह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जीत है, सरकार शिक्षकों के हित में काम करेगी, जिसका परिणाम यह है कि शिक्षकों ने सरकार पर भरोसा जताया और जीत सुनिश्चित की।" इस बीच, पटना में बिहार विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतगणना केंद्र पर भाजपा उम्मीदवार नवल किशोर यादव और जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार दिव्या ज्योति के समर्थकों के बीच झड़प के बाद तनाव फैल गया। घटना के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
निष्कासन के फैसले पर कोई आपत्ति नहींः अनंत सिंह
इसके अलावा, जेडीयू से निष्कासित विधायक अनंत सिंह ने बिहार एमएलसी चुनाव में एनडीए की जीत पर भरोसा जताते हुए कहा, "हम जीतेंगे। जैसा हमने कहा है, वैसा ही होगा।" पार्टी से अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कहा कि उन्हें इस फैसले पर कोई आपत्ति नहीं है और वे अपना सरकारी आवास खाली करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "हमें कोई परेशानी नहीं है। हम खाली कर देंगे सरकारी आवास। पार्टी जो भी निर्णय लेगी, हम तैयार हैं। हमें कोई समस्या नहीं है। जनता मालिक है।" इससे पहले शनिवार को जनता दल ने मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह और पूर्व विधायक नीलम देवी, इस पति-पत्नी की जोड़ी को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत बिहार विधानसभा में अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की।
उत्तर प्रदेश में 11 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने से रिक्तियां उत्पन्न
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में बैठे सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के बाद इन चुनावों की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार, बिहार में आठ, कर्नाटक में चार, महाराष्ट्र में पांच और उत्तर प्रदेश में 11 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने से रिक्तियां उत्पन्न हुई हैं। बिहार में चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों - पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी तथा चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण में मतदान हुआ था। इन आठ निर्वाचन क्षेत्रों से मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है। वोटों की गिनती मंगलवार को निर्धारित की गई थी और पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी होनी है।
(इनपुटः ANI)
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