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वन्यजीव तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, दो गिरफ्तार

गंडई में वन्यजीव तस्करों पर बड़ी कार्रवाई में दो गिरफ्तार, जीवित गोह समेत तीन संरक्षित पक्षी-जीव बरामद

छत्तीसगढ़ के गंडई वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने कार्रवाई कर दो वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से जीवित गोह, वाटर हेन, तीतर और शिकार में इस्तेमाल सामग्री बरामद की गई।

गंडई में वन्यजीव तस्करों पर बड़ी कार्रवाई में दो गिरफ्तार जीवित गोह समेत तीन संरक्षित पक्षी-जीव बरामद

Chhattisgarh: Two Held in Wildlife Trafficking Case, Live Monitor Lizard Seized |

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (छत्तीसगढ़)। जिले के गंडई वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अनुसूची-1 में संरक्षित जीवित गोह, एक वाटर हेन और एक तीतर बरामद किया गया है। साथ ही शिकार में इस्तेमाल किए गए जाल, फंदा, चाकू और एक पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

वनमण्डलाधिकारी खैरागढ़ के मार्गदर्शन और उपवनमण्डलाधिकारी गंडई के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने 8 जुलाई को विशेष अभियान चलाया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जांच के दौरान पल्सर मोटरसाइकिल से वन्यजीवों का अवैध परिवहन कर रहे दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

संरक्षित जीवों के साथ शिकार सामग्री जब्त

तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से अनुसूची-1 में संरक्षित जीवित इंडियन मॉनिटर लिजर्ड यानी गोह, एक जीवित वाटर हेन और एक जीवित तीतर बरामद हुए। वन विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया। कार्रवाई में शिकार के लिए इस्तेमाल किए गए जाल, फंदा, चाकू और परिवहन में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

न्यायालय ने भेजा जेल

गिरफ्तार दोनों आरोपियों को 9 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 22 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई वन परिक्षेत्र अधिकारी संजीत मरकाम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने की।

वन विभाग ने लोगों से मांगा सहयोग

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार, अवैध परिवहन या व्यापार कानूनन गंभीर अपराध है। यदि कहीं भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।  

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