प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

जमीन विवाद को लेकर भाकपा का ज्ञापन

डूंगरपुर में जमीन विवाद को लेकर भाकपा का ज्ञापन, तालाब क्षेत्र की भूमि पर कब्जे का विरोध

डूंगरपुर में जमीन विवाद के समाधान की मांग को लेकर भाकपा ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने तालाब डूब क्षेत्र की जमीन पर कथित कब्जे का विरोध और आदिवासियों को पट्टा देने की मांग की।

डूंगरपुर में जमीन विवाद को लेकर भाकपा का ज्ञापन तालाब क्षेत्र की भूमि पर कब्जे का विरोध

CPI(M) Submits Memorandum Over Land Dispute in Dungarpur |

डूंगरपुर (राजस्थान)। जिले के सीमलवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के पोपटोली-बोडामली और बोडामली गांवों में वर्षों पुराने जमीन विवादों के स्थाई समाधान की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला व ब्लॉक कमेटी ने सीमलवाड़ा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने तालाब के डूब क्षेत्र की 135 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा फर्जी पट्टे बनाकर कब्जा करने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया है। साथ ही, दशकों से वन भूमि पर काबिज गरीब आदिवासियों को मालिकाना हक (पट्टा) देने की पुरजोर पैरवी की है।

तालाब की डूब क्षेत्र की भूमि पर भू-माफियाओं की नजर

एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में भाकपा ने बताया कि पोपटोली-बोडामली गांव में तालाब के भराव (डूब) क्षेत्र के अंतर्गत करीब 135 बीघा पडत भूमि आती है, जिसका 55 वर्ष पूर्व कोई मुआवजा नहीं मिला था। बाद में स्थानीय पंचायत व प्रशासन ने इस बंजर भूमि को आवंटित कर यहां बेघर और निर्धन परिवारों के आशियाने बनवाए, जिन्हें बिजली कनेक्शन भी जारी किए गए।

बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश का आरोप

पार्टी का आरोप है कि अब डूंगरपुर के एक रसूखदार परिवार द्वारा एक संगठन की आड़ में इस पूरी 135 बीघा बेशकीमती जमीन के फर्जी पट्टे तैयार कर अवैध रूप से कब्जा करने की साजिश रची जा रही है। ज्ञापन में बताया गया कि उक्त भूमि में से 58 बीघा जमीन पर पहले ही कब्जा किया जा चुका है, जबकि 1975 में ही यह जमीन बेघर परिवारों को आवंटित की जा चुकी थी।

40 साल से काबिज आदिवासियों के विस्थापन का विरोध

दूसरे अहम मुद्दे को रेखांकित करते हुए पार्टी ने कहा कि इसी क्षेत्र की पडत भूमि पर करीब 40 वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा स्लॉट किए गए थे। इस जमीन पर वर्तमान में कई गरीब आदिवासी परिवार अपने मकान बनाकर शांतिपूर्वक रह रहे हैं। भाकपा ने प्रशासन से मांग की है कि इन आदिवासियों को उजाड़ने के बजाय उनके काबिज क्षेत्र के आधार पर उन्हें भूमि का पट्टा जारी कर मालिकाना हक दिया जाए।

यह भी पढ़े:    कटनी में उद्योगपति पर हमले का आरोपी गिरफ्तार, रिवॉल्वर से फायर की कोशिश का है आरोप

Related to this topic: