राजधानी भोपाल में टेरर फंडिंग के नाम पर साइबर ठगों ने एक मजदूर को डिजिटल अरेस्ट कर डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर ली।
भोपाल। राजधानी भोपाल में टेरर फंडिंग के नाम पर साइबर ठगों ने एक मजदूर को डिजिटल अरेस्ट कर डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पीड़ित पर गंभीर आरोप लगाते हुए डर का माहौल बनाया और रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराया और पीड़ित को ठगों के चंगुल से मुक्त कराया।
आरोपियों ने खुद को बताया NIA का अधिकारी
पुलिस के मुताबिक पीड़ित 45 वर्षीय राजकुमार छोला इलाके में रहता है और मजदूरी का काम करता है। उसके पास तीन दिन पहले एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताया और कहा कि उसके खाते से एक आतंकी को फंडिंग की गई है जिससे पीड़ित घबरा गया। इसके बाद आरोपियों ने तस्दीक के नाम पर उसे वीडियो कॉल पर आने को कहा। वीडियो कॉल पर आते ही बदमाशों ने पुलिस लिखी स्कॉर्पियो दिखाई। नंबर बंद करने या फरार होने की कोशिश करने पर एन्काउंटर की धमकी दी गई। इससे घबराए फरियादी ने उनके सवालों के जवाब देते हुए खुद को निर्दोष बताया। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि वह भला आदमी लगता है और उसे मामले से बाहर निकाल देंगे, लेकिन डिजिटल निगरानी में रहना होगा। पीड़ित ने इसके लिए हामी भर दी। इसके बाद आरोपी शुक्रवार से रविवार सुबह तक उसे निगरानी में रखे रहे।
पुलिस ने अज्ञात ठगों पर दर्ज किया मामला
परिजनों ने संदेह होने पर रविवार को इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन मोबाइल नंबर और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है जिसका इस्तेमाल इस ठगी को अंजाम देने के लिए किया गया था। वहीं, पुलिस ने लोगों से अपील की कि इस तरह के किसी भी अंजान कॉल से वे न डरें। ऐसे मामलों में लोग तुरंत पुलिस या साइबर सेल को इसकी जानकारी दें।
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