जबलपुर। जिले की सिहोरा तहसील में 19 फरवरी 2026 एक धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ के बाद...
जबलपुर। जिले की सिहोरा तहसील में 19 फरवरी 2026 एक धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ के बाद दो पक्षों के बीच भारी तनाव पैदा हो गया। घटना सिहोरा के वार्ड क्रमांक 5 स्थित आजाद चौक पर हुई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च किया है। उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मंदिर में लोहे की ग्रिल तोड़ने पर तनाव
सूत्रों के अनुसार, दुर्गा मंदिर में गुरूवार रात 9 बजे के करीब आरती चल रही थी। ठीक सामने स्थित मस्जिद में नमाज का समय था। आरती के दौरान एक युवक ने कथित तौर पर मंदिर परिसर में घुसकर लोहे की ग्रिल (रैलिंग) तोड़ दी। इस हरकत को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय हिंदू समाज के लोगों में आक्रोशित फैल गया।दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से जमकर पथराव और मारपीट शुरू हो गई। उपद्रवियों ने लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
तनाव की खबर मिलते ही सिहोरा थाना पुलिस सहित आसपास के थानों (खितौला, गोसलपुर) का बल मौके पर पहुंचा। स्थिति बिगड़ते देख जबलपुर मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया।भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) संपत उपाध्याय ने रात में ही घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी बड़े धार्मिक ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी गई है।पुलिस दोषियों की पहचान कर मामला दर्ज कर रही है।प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों विधायक संतोष बरकड़े ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया है। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। अज्ञात और चिन्हित उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 295A/298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और उपासना स्थल को क्षति पहुँचाने के लिए), धारा 147/148/149 (बलवा करने, घातक हथियारों से लैस होने और गैरकानूनी सभा (Unlawful Assembly) करने), धारा 332/353 ( ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों (पुलिस) पर हमला करने और उन्हें कार्य करने से रोकने, धारा 427 (सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, जैसे मंदिर की ग्रिल तोड़ने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रासुका के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों की मदद से पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ रासुका (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।प्रशासन ने शांति बहाली के लिए तनाव को देखते हुए सिहोरा और आसपास के इलाकों में धारा 144(क्षेत्र में 5 या उससे अधिक लोगों) के एक जगह इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
साइबर सेल सक्रिय
भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या भ्रामक वीडियो शेयर करने वालों के खिलाफ तुरंत गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं।लाइसेंसधारी हथियारों को भी सार्वजनिक रूप से ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। किसी भी नए जुलूस या सभा के लिए प्रशासन से अग्रिम लिखित अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। फिलहाल आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर, संवेदनशील क्षेत्रों में बाजार बंद रखने या सीमित समय के लिए खोलने की सलाह दी गई है।
स्थिति नियंत्रण में
कलेक्टर ने कहा कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस बल मौके पर तैनात है। उपद्रवीयों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इलाके में शांति बहाली प्राथमिकता है।सुबह से ही सिहोरा के बाजारों में पुलिस का फ्लैग मार्च जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक फोटो या वीडियो साझा न करें। जबलपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति समितियों (Peace Committees) का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 100 या 112 पर दें।
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