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राम मंदिर चंदा विवाद पर दिग्विजय का हमला

राम मंदिर चंदा विवाद पर दिग्विजय सिंह का हमला, बोले- धर्म की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ूंगा

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में कथित गबन के मामले को लेकर भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर निशाना साधा।

राम मंदिर चंदा विवाद पर दिग्विजय सिंह का हमला बोले- धर्म की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ूंगा

Digvijaya Attacks Over Ram Temple Donation Row |

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में कथित गबन के मामले को लेकर भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह धर्म को समझते हैं और उसकी रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे।

धर्म की रक्षा का लिया संकल्प

दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं धर्म को समझता हूं, जिसमें सनातन धर्म भी शामिल है। मैं भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस को भी समझता हूं। मेरा उद्देश्य धर्म की रक्षा करना है और मैं अपनी अंतिम सांस तक आस्था की रक्षा के लिए काम करूंगा। इसमें कोई राजनीति नहीं है।"

2 अक्टूबर से निकालेंगे पदयात्रा

कांग्रेस नेता ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में 2 अक्टूबर से उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से अयोध्या तक गैर-राजनीतिक पदयात्रा निकालने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में राम मंदिर निर्माण के लिए दान देने वाला कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।

कारसेवक को बनाया मुख्य अतिथि

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह कारसेवक संतोष दुबे को अपनी पदयात्रा का मुख्य अतिथि बनाएंगे। उन्होंने बताया कि संतोष दुबे राम मंदिर आंदोलन के दौरान चार गोलियां लगने के बावजूद जीवित बचे थे। विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच में राम मंदिर के मतगणना कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत किया गया है। जांच के अनुसार, कुछ कर्मचारियों पर नकदी के बंडलों को कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य निजी सामानों में छिपाने के आरोप हैं।

सीसीटीवी में दर्ज हुईं संदिग्ध गतिविधियां

एसआईटी के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आईं, जिनमें कर्मचारियों द्वारा नकदी के बंडल छिपाते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है। प्रारंभिक जांच में इसे व्यवस्थित और बार-बार होने वाली गतिविधि बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि मतगणना कक्ष में प्रवेश और निकास के समय कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली जाती थी और उनके निजी सामान की पर्याप्त जांच भी नहीं होती थी। एसआईटी इन पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।

(एएनआई)

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