मध्य प्रदेश में पर्यटन का परिदृश्य अब तेजी से बदल रहा है। प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक हेरिटेज स्थलों के मुकाबले अब धार्मिक और तीर्थ केंद्र पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं।
उज्जैन/भोपाल। मध्य प्रदेश में पर्यटन का परिदृश्य अब तेजी से बदल रहा है। प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक हेरिटेज स्थलों के मुकाबले अब धार्मिक और तीर्थ केंद्र पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। पर्यटन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन विकास में 'आस्था' सबसे बड़ा इंजन साबित हो रही है।
2024 में प्रदेश में पहुंचे लगभग 13.41 करोड़ पर्यटक
वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर लगभग 13.41 करोड़ पर्यटक पहुंचे। इन आंकड़ों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की रही, जहां अकेले 7.32 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। मप्र के टॉप-10 सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से 7 स्थल केवल धार्मिक हैं।
इसलिए बदल रहा है रुझान
विशेषज्ञों का मानना है कि 'श्री महाकाल लोक' जैसे भव्य कॉरिडोर के निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के बाद से पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। अब लोग न केवल दर्शन के लिए आ रहे हैं, बल्कि इन केंद्रों पर विकसित की गई सुविधाओं के कारण वहां अधिक समय भी बिता रहे हैं।
हेरिटेज और प्राकृतिक स्थलों को पीछे छोड़ा
आंकड़े बताते हैं कि जहां पहले लोग खजुराहो, पचमढ़ी या कान्हा-बांधवगढ़ जैसे नेशनल पार्क्स के लिए मध्य प्रदेश आते थे, वहीं अब उज्जैन, मैहर और चित्रकूट जैसे धार्मिक शहर सूची में सबसे ऊपर आ गए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, 2024 का यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
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