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मध्य प्रदेश में फिल्म सिटी..

मध्य प्रदेश में फिल्म सिटी परियोजनाएं वन अड़चन में फंसीं

MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में प्राकृतिक और आकर्षक लोकेशनों के कारण फिल्म शूटिंग की संख्या कई गुना बढ़ी है।

मध्य प्रदेश में फिल्म सिटी परियोजनाएं वन अड़चन में फंसीं

मध्य प्रदेश में फिल्म सिटी परियोजनाएं वन अड़चन में फंसीं |

MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में प्राकृतिक और आकर्षक लोकेशनों के कारण फिल्म शूटिंग की संख्या कई गुना बढ़ी है। इसके बावजूद, राज्य में वर्षों से फिल्म सिटी की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक यह वास्तविकता नहीं बन सकी है। पर्यटन विभाग ने फिल्म सिटी परियोजनाओं के लिए दो भू-खंड चिन्हित किए थे, परंतु दोनों ही स्थानों पर वन (फॉरेस्ट) से संबंधित समस्याएं सामने आ रही हैं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, देवास में फिल्म सिटी विकसित करने का प्रस्ताव वन संबंधी जटिलताओं में उलझने के बाद स्थगित/रद्द किया जा सकता है। देवास में जिस भूमि को चिन्हित किया गया है, उसके बीचों-बीच बहुत से पेड़ हैं, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है और अब यह भूमि वापस किए जाने की संभावना है।

लगभग यही समस्या जबलपुर की परियोजना पर भी असर डाल रही है। इसके अलावा, विभाग अब तक गंभीर निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले दो-तीन पक्षों ने रुचि दिखाई थी, लेकिन कोई भी संतोषजनक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) या वित्तीय क्षमता/वित्तीय समर्थन का प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। दक्षिण भारत के एक फिल्म निर्माता ने भी विभाग से संपर्क किया था पर परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। यदि भविष्य में मध्य प्रदेश में फिल्म सिटी विकसित होती है तो जो फिल्म शूटिंग वास्तविक लोकेशन पर संभव नहीं होती, वे वहां शूट की जा सकेंगी।

नए भूमि टेंडर

पर्यटन विभाग पर्यटन परियोजनाओं के तहत लगभग 30 भूमि-खंडों के लिए टेंडर जारी करने की योजना बना रहा है। खजुराहो में 70 हेक्टेयर (लगभग 175 एकड़) भूमि चिन्हित की गई है, जहां निवेशक फिल्म सिटी, वेलनेस सेंटर या गोल्फ सेंटर विकसित कर सकते हैं।

राज्य को ‘गंभीर’ निवेशकों की तलाश

अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि राज्य के पास पहले से फिल्म नीति है और वह इस क्षेत्र में गंभीर निवेशकों की तलाश कर रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि देवास और जबलपुर में चिन्हित भूमि पर प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजनाओं में वन संबंधी मुद्दे बाधा बन रहे हैं।

फिल्म उद्योग से अर्थव्यवस्था को लाभ

फिक्की (FICCI) के एक अध्ययन के अनुसार, फिल्म तथा अन्य शूटिंग गतिविधियों से राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग 1200 करोड़ रुपये का योगदान हुआ है। अब तक मध्य प्रदेश में 400 से अधिक फिल्में और वेब सीरीज़ शूट की जा चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय फिल्मकार अभी दूर

अब तक अंतरराष्ट्रीय फिल्मकार मध्य प्रदेश में नहीं आए हैं। घरेलू फिल्मों की शूटिंग तो नियमित है, लेकिन बड़े बजट की अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएं राजस्थान को प्राथमिकता देती हैं।

 

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