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उमरिया राइस मिल में लगी भीषण आग

उमरिया में धधकी राइस मिल! देखते ही देखते जलकर राख हुआ हजारों क्विंटल धान

जिले के करकेली जनपद से सटे बसकुटा गांव स्थित डीके राइस मिल में गुरुवार को अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।

उमरिया में धधकी राइस मिल देखते ही देखते जलकर राख हुआ हजारों क्विंटल धान

Rice Mill Fire Causes Heavy Loss in Umaria |

उमरिया {मध्यप्रदेश} : जिले के करकेली जनपद से सटे बसकुटा गांव स्थित डीके राइस मिल में गुरुवार को अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। बरसात के मौसम में हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया। आमतौर पर बारिश के दिनों में आग लगने की घटनाएं कम होती हैं, लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते राइस मिल परिसर में रखा हजारों क्विंटल धान उसकी चपेट में आ गया। कुछ ही देर में आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा।

देखते ही देखते बेकाबू हुई आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिल से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि दमकल समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था।

हजारों क्विंटल धान जलकर राख

आग से सबसे बड़ा नुकसान धान के भंडारण को हुआ है। बताया जा रहा है कि मिल में किसानों से खरीदा गया बड़ी मात्रा में धान रखा हुआ था। किसानों ने महीनों की मेहनत, कठिन परिश्रम और विपरीत मौसम का सामना कर इस फसल को तैयार किया था, लेकिन कुछ ही पलों में उनकी मेहनत आग की भेंट चढ़ गई। हालांकि नुकसान का अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन प्राथमिक अनुमान के अनुसार हजारों क्विंटल धान जलकर नष्ट हुआ है, जिससे लाखों रुपये की क्षति होने की संभावना जताई जा रही है।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आग किस वजह से लगी, इसका खुलासा नहीं हो सका है। विद्युत शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद राइस मिलों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बड़ी मात्रा में धान का भंडारण होने के बावजूद पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था, सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। फिलहाल प्रशासन ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है।

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