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महाकाल मंदिर में 10 किलो से अधिक वज़न वाली फूल...

महाकाल मंदिर में 10 किलो से अधिक वज़न वाली फूल-मालाएँ जनवरी से प्रतिबंधित

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में जनवरी से श्रद्धालुओं को 10 किलोग्राम से अधिक वज़न वाली फूल-मालाएँ चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।

महाकाल मंदिर में 10 किलो से अधिक वज़न वाली फूल-मालाएँ जनवरी से प्रतिबंधित

Flower garlands weighing more than 10 kg banned in Mahakal temple from January |

उज्जैन। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में जनवरी से श्रद्धालुओं को 10 किलोग्राम से अधिक वज़न वाली फूल-मालाएँ चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली भारी मालाएँ, जिन्हें 'अजगर माला' कहा जाता है, जनवरी से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाएंगी।

ये मोटी मालाएँ आमतौर पर 10 से 15 किलो वज़न की होती हैं और मंदिर के बाहर फूलों की दुकानों पर इनकी कीमत ₹500 से ₹2,100 तक होती है। कई वर्षों से ये मालाएँ श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय चढ़ावे के रूप में प्रचलित रही है।

मंदिर के प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षाकर्मी करेंगे पूजा सामग्री की जांच

नए नियम के तहत मंदिर के प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षाकर्मी पूजा सामग्री की जांच करेंगे। भारी मालाओं को प्रवेश बिंदुओं पर अलग रख दिया जाएगा, हालांकि मंदिर प्रबंधन समिति श्रद्धालुओं की ओर से ऐसी मालाएँ चढ़ाने की व्यवस्था कर सकती है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के विशेषज्ञों की टीम की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। टीम ने ज्योतिर्लिंग पर कटाव (erosion) की चिंताओं की जांच की थी। सुझावों में संरचना को सुरक्षित रखने के लिए छोटी मालाएँ और सीमित मात्रा में फूल चढ़ाने की बात शामिल थी।

पुजारी, मंदिर प्रतिनिधि, सहायक तथा कर्मचारियों के लिए ID कार्ड अनिवार्य

मंदिर समिति पुजारियों, मंदिर प्रतिनिधियों, सहायकों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पहचान पत्र (ID कार्ड) के साथ ड्रेस कोड लागू करेगी। श्री हरसिद्धि मंदिर के पास, पद्मभूषण पं. सूर्यनारायण व्यास गेस्ट हाउस के बाहर 24 घंटे का प्रसाद काउंटर शुरू किया जाएगा। कौशिक के अनुसार, "श्री महाकालेश्वर भगवान का लड्डू भोग प्रसाद अब 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।" अभी प्रसाद काउंटर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक चलते हैं, जिससे रात के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद नहीं मिल पाता। नए काउंटर पर बेसन और रागी—दोनों प्रकार के लड्डू चौबीसों घंटे मिलेंगे।

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