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एथेनॉल के नाम पर फोर्टिफाइड चावल घोटाला

Fortified Rice Scam: एथेनॉल के नाम पर 1160 करोड़ का चावल घोटाला, एसआईटी कर रही जांच

मध्य प्रदेश में एथेनॉल प्रोडक्शन के नाम पर सरकारी चावल के घोटाले का मामला सामने आया है। इस घोटाले के तार मध्यप्रदेश के बालाघाट सिवनी और छिंदवाड़ा जिले से जुड़े पाए गए हैं।

fortified rice scam एथेनॉल के नाम पर 1160 करोड़ का चावल घोटाला एसआईटी कर रही जांच

प्रतिकात्मक तस्वीर |

भोपाल (मध्य प्रदेश)। एक तरफ जहां देश में एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को पर्यावरण-अनुकूल नीति के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश में एथेनॉल प्रोडक्शन के नाम पर सरकारी चावल के घोटाले का मामला सामने आया है। इस घोटाले के तार मध्यप्रदेश के बालाघाट सिवनी और छिंदवाड़ा जिले से जुड़े पाए गए हैं।

₹1160 करोड़ के घोटाले का ऐसे हुआ खुलासा

मध्यप्रदेश के बालाघाट में जिले में कथित ₹1160 करोड़ के फोर्टिफाइड चावल घोटाले का मामला सामने आया है। सरकारी सिस्टम से करीब 2320 रुपए प्रति क्विंटल में निकलने वाला चावल करीब 2800 रुपए प्रति क्विंटल में बेचा जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर मुनाफा बांटा जा रहा था। मामले का खुलासा 2 जून को नवेगांव वेयरहाउस बालाघाट से एवीजे एथेनॉल प्लांट छिंदवाड़ा जिले के बोरगांव भेजे गए तीन ट्रक चावल की जांच के दौरान हुआ।

200 ट्रक चावल गायब, पूर्व सांसद ने उठाए सवाल

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इनका उपयोग एथेनॉल उत्पादन के लिए होना था। सरकारी चावल की सप्लाई केवल एक एथेनॉल प्लांट तक सीमित नहीं थी। इसी आधार पर अब अन्य प्लांटों और बड़े नेटवर्क की भी जांच की मांग उठ रही है। शासकीय चावल की हेराफेरी के मामले में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया है कि बालाघाट FCI गोदाम से एथेनॉल प्लांट के लिए निकला चावल गंतव्य तक नहीं पहुंच रहा है। पिछले दो वर्षों में करीब 200 ट्रक चावल गायब हो चुका है।

CBI जांच और राइस मिल के रिकॉर्ड खंगालने की मांग

पूर्व सांसद मुंजारे ने इस मामले की वर्तमान एसआईटी जांच को बंद कर CBI से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूर्व मंत्री रामकिशोर कावंरे के बड़े भाई राजकुमार कावंरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें इस पूरे खेल का सरगना बताया है। उन्होंने दावा किया कि राजकुमार कावरे की 'हर्ष राइस इंडस्ट्रीज' में ही ट्रकों के दस्तावेज तैयार होते हैं और वहीं से यह तय किया जाता है कि किस ट्रक को कहां भेजना है। मुंजारे ने मांग की है कि इस राइस मिल के सीसीटीवी फुटेज और चावल के आवक-जावक रिकॉर्ड की गहन जांच की जानी चाहिए।

कुपोषितों के हक के फोर्टिफाइड चावल पर डाका

जांच में पाया गया कि यह सामान्य नहीं, बल्कि फोर्टिफाइड चावल था। इसे कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को एनीमिया व कुपोषण से बचाने के लिए विटामिन और मिनरल्स मिलाकर तैयार किया जाता है। इस घोटाले में एथेनॉल प्लांट संचालक, राइस मिलर्स और सरकारी तंत्र की मिलीभगत की आशंका है। पुलिस की जांच तेज हो गई है। अब तक 17 ट्रक जब्त किए जा चुके हैं। 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। 13 से ज्यादा आरोपियों को नामजद कर लिया गया है।

SIT की कार्रवाई: 17 ट्रक जब्त, रसूखदारों से पूछताछ

हालांकि कुछ नामों का खुलासा नहीं किया गया है। इसमें कई रसूखदार नाम भी शामिल है। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए 20-25 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। टीम अब तक 17 ट्रक जब्त कर चुकी है। 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सिवनी जिले के दो राइस मिलर्स समेत 5-6 लोगों को नोटिस देकर बयान दर्ज किए गए हैं।

घोटाले पर छिड़ा सियासी घमासान, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एथेनॉल बीजेपी और सरकार के लोगों के पैसा बनाने का एक जरिया बन गया है। एथेनॉल के नाम पर हजारों करोड़ का घोटाला किया जा रहा है। यह घोटाला लगभग 1000 करोड़ से ज्यादा हो सकता है। इस मामले में CBI जांच की जानी चाहिए। इस पूरे मामले में बीजेपी का कहना है की एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक मुद्दा ना बनाए।

मल्लिकार्जुन खड़गे का सरकार पर सीधा हमला

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्यप्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक घोटाला खत्म नहीं होता, दूसरा सामने आ जाता है। अब Ethanol के नाम पर ₹1200 करोड़ का चावल घोटाला सामने आया है। जिस चावल को कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए इस्तेमाल होना था, उसी चावल को मुनाफे के खेल में घुमाया गया। 5 लाख MT चावल, राइस मिलरों, एथेनॉल माफिया और भाजपा सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार के इस खेल का हिस्सा बना दिया गया। 

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