रांची स्थित एनआईए विशेष न्यायालय में दायर तीसरी चार्जशीट एनआईए ने चंदन कुमार को इस मामले में शामिल एक प्रमुख आरोपी के रूप में नामित किया है।
नई दिल्ली । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की नई चार्जशीट से पता चला है कि नक्सलियों ने मगध जोन को पुनर्जीवित करने और पुराने कैडरों को प्रोत्साहित करने के लिए ठेकेदारों से भारी मात्रा में धनराशि एकत्र की। यह राशि से विभिन्न चैनलों के माध्यम से हथियार और गोला-बारूद की खरीद के लिए भेजी गई।
आरोप पत्र में कहा गया है कि वह धन वसूली करता था
एजेंसी ने रांची स्थित एनआईए विशेष न्यायालय में दायर तीसरी चार्जशीट एनआईए ने चंदन कुमार को इस मामले में शामिल एक "प्रमुख आरोपी" के रूप में नामित किया है। एजेंसी ने दिसंबर 2021 में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। उसे जनवरी 2026 में मुंबई में गिरफ्तार किया गया था और वह नक्सलियों के लिए धन जुटाने में सक्रिय रूप से शामिल था। एनआईए ने कहा कि चंदन "पुराने कैडरों को संगठन में फिर से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करके और हिंसा के कृत्यों के माध्यम से नक्स्ली विचारधारा का प्रचार करने के लिए मगध जोन को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा था।" मगध क्षेत्र बिहार के दक्षिण-मध्य मैदानी इलाकों को कवर करता है, जो गया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल - पांच जिलों में फैला हुआ है।नक्सली साजिश के इस मामले में मगध क्षेत्र में प्रतिबंधित आतंकी संगठन की सक्रियता को पुनर्जीवित करना और हथियार एवं गोला-बारूद की खरीद के लिए ठेकेदारों से जबरन वसूली करना शामिल था। एनआईए ने कहा, "मामले की जांच में यह साबित हुआ है कि ठेकेदारों से भारी मात्रा में धनराशि एकत्र की गई और विभिन्न माध्यमों से भेजी गई।" एजेंसी ने आगे कहा कि उसने पाया कि सीपीआई (माओवादी) के प्रमुख एसएसी सदस्य प्रद्युमन शर्मा, आरोपी अभिनव, चंदन कुमार और एफआईआर में नामजद अन्य लोग इस साजिश का हिस्सा थे। (एएनआई)